रिहाई मंच नेताओं को सिमी आतंकी कहकर घंटो अवैध हिरासत में सपा सरकार की पुलिस ने पीटा
मंच नेताओं को एनकाउंटर की धमकी ने साफ किया कि अखिलेश और शिवराज की पुलिस में कोई अंतर नहीं है
रिहाई मंच नेताओं पर हमले ने सपा सरकार के मुस्लिम विरोधी चरित्र को बेनकाब किया
रिहाई मंच ने हमलावर पुलिस कर्मियों का वीडियो किया जारी
सपा-भाजपा गठजोड़ को साबित करता है रिहाई मंच नेताओं पर पुलिसिया हमला
प्रदेश व्यापी अभियान चलाकर मंच करेगा सपा सरकार के मुस्लिम विरोधी चरित्र को बेनकाब

rajiv radav beaten by police

 

लखनऊ 3 नवम्बर 2016। रिहाई मंच ने भोपाल में सिमी से जुड़े होनेे के आरोप में बंद 8 लोगों की फर्जी मुठभेड़ में हत्या के खिलाफ रिहाई मंच के धरने के दौरान रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव और मंच के लखनऊ यूनिट के महासचिव शकील कुरैशी को एनकाउंटर करने की धमकी देते हुए बर्बर पुलिसिया पिटाई को अखिलेश राज में लोकतंत्र की हत्या का ताजा उदाहरण बताया है। पुलिस ने धरने स्थल से बैनर फाड़ते हुए माइक, बैट्री आदि उठा ले गई। मंच इस मुद्दे पर प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाकर जनता के बीच इस इंसाफ विरोधी सरकार को बेनकाब करेगा। मंच ने हमलावर पुलिस कर्मियों को तत्काल निलम्बित करने की मांग की है। मंच ने इस दौरान पुलिसिया बर्बरता का वीडियो भी जारी किया है। मंच आगे की रणनीति के लिए आज बैठक करेगा।

रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि धरना शुरू होने से पहले ही जिस तरह मंच महासचिव राजीव यादव और शकील कुरैशी को धरना स्थल से लाठी से पीटते हुए पुलिस चैकी के अंदर ले गई और ढ़ाई घंटे तक सीमी आतंकी, मुसलमान, कटुआ और पाकिस्तानी एजंेट बताकर पीटा वो अखिलेश सरकार के साम्प्रदायिक और मुस्लिम विरोधी चरित्र को उजागर करता है। पिटाई के दौरान पुलिस कर्मियों ने अपने नेम प्लेट हटा लिए थे जो साबित करता है कि पुलिस ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत फर्जी एनकाउंटर का सवाल उठाने वालों को पीटा जिसमें शकील कुरैशी का हाथ टूट गया और राजीव यादव को गम्भीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि मंच के नेताओं को हजरतगंज पुलिस बूथ में अवैध कानूनी हिरासत में पीटने के बाद हजरतगंज कोतवाली ले जाकर जिस तरह पुलिसकर्मी सतीश चंद्र और क्राइम ब्रांच के आधा दर्जन से ज्यादा सादी वर्दी में मौजूद जिसमें एक का नाम संतोष था ने सिमी आतंकी कहकर अमानवीय अत्याचार किया और लगातार फर्जी एनकाउंटर में मारने की धमकी देते रहे वो इस घटना को पुलिस के आपराधिक साजिश का हिस्सा साबित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंच महासचिव राजीव यादव के अवचेतन अवस्था में पहंुच जाने के घंटों बाद तक भी अस्पताल न ले जाना साबित करता है कि पुलिस इन नेताओं की हत्या करना चाहती थी।

मंच प्रवक्ता ने कहा कि जिस तरह भाजपा शासित मध्यप्रदेश की पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड़ पर सवाल उठाने वालों को समाजवादी अखिलेश सरकार की पुलिस ने हत्या की नीयत से पीटा है वो सपा और भाजपा के मुस्लिम विरोधी गठजोड़ को बेनकाब करता है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही रिहाई मंच प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाकर पुलिस के साम्प्रदायिक चरित्र को उजागर करेगा।
द्वारा जारी-
शाहनवाज आलम
प्रवक्ता रिहाई मंच
9452800752


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