अहमदाबाद के नवनीत प्रकाशन वालों ने नैतिक शिक्षा की किताब छापी है जिसमें एक ब्राह्मण वेशभूषा वाले शख्स के साथ जो कहानी दिखाई है वह हजरत मुहम्मद के जीवन में घटित हुई है। एक बूढ़ी महिला मुहम्मद साहब के ऊपर कूड़ा डाल देती थी जिसके बिमार होने पर खुद मुह्म्मद साहब उसके घर जा कर हाल खैरियत पूछते हैं जिसका उस औरत पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

और पढ़े -   जानें : क्या हैं "अंतराष्ट्रीय कुद्स दिवस", क्यूँ मनाया जाता हैं दुनिया भर में

हूबहू घटना भगवा वस्त्र धारण किए आदमी के साथ अहमदाबाद में भी घटित हुई है। कल को ये लोग महात्मा गांधी को प्रथम श्रेणी ट्रेन डब्बे से उतारने, भगत सिंह द्वारा असेंबली में बम फेंकने तथा इंदिरा गांधी द्वारा बांग्लादेश आज़ाद करवाने पर भी ऐसी कहानी छाप सकते हैं। जिनके पास अपने खुद के बनाए प्रतीकों का कोई अच्छा कार्य समाज को देने लायक नहीं होता वह ऐसे ही झूठ कपट और मक्कारी का रास्ता अपनाते हैं।किससे शिकायत की जाए? जहां खुद शिक्षा मंत्री की डिग्री पर सवाल उठे हों उनसे या फिर उन लोगों से जिन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम को जीते जी श्रद्धांजलि दे डाली थी।

वसीम अकरम त्यागी की वाल से 

और पढ़े -   जानें : क्या हैं "अंतराष्ट्रीय कुद्स दिवस", क्यूँ मनाया जाता हैं दुनिया भर में

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE