नई दिल्ली,छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला देने वाले टेपकांड की गाज आखिर पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के विधायक बेटे अमित जोगी पर गिर ही गई। कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

amit-jogi-568ce84ded2a8_exlst

मरवाही से विधायक अमित जोगी पर आरोप था कि उन्होंने पिछले साल हुए अंतागढ़ विधानसभा सीट के उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का नाम वापिस करवाने के लिए भाजपा से फिक्सिंग की थी। मामले में उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी का नाम भी सामने आया था लेकिन फिलहाल उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

माना जा रहा है अजीत जोगीके खिलाफ केन्द्रीय स्तर पर ही कोई कार्रवाई हो सकती है। कुछ दिन पहले ही अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने टेप जारी कर खुलासा किया था जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी और उनके विधायक बेटे ‌अमित जोगी मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद पुनीत से बात करते सुने जा रहे हैं, जिसमें कांग्रेस उम्‍मीदवार मंतूराम पवार को नाम वापिस लेने के लिए रकम देने की बात की जा रही है।

फोन पर हुई इस बातचीत में हालांकि किसी का नाम तो नहीं आया लेकिन अखबार का दावा था कि यह बातचीत पुनीत और अमित जोगी-अजीत जोगी के बीच की है।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस नेता अमित जोगी की ओर से इसके लिए सात (संभवतः सात करोड़) की मांग की जा रही है। भाजपा की ओर से पुनीत उन्हें रकम दिलाने का आश्वासन दे रहे हैं।

मामला सामने आने के बाद दोनों दलों में आरोप प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो गया था। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री रमन सिंह से इस्तीफे की मांग की थी तो भाजपा ने पिता पुत्र पर उंगली उठा दी थी।

चुनाव आयोग की ओर से भी छत्तीसगढ़ के मुख्यसचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। जिसमें मुख्यसचिव को सात जनवरी तक अपना जवाब देना है। वहीं रिश्वतकांड में अजीत जोगी और अमित जोगी का नाम आने के बाद पार्टी ने दोनों को नोटिस दे दिया था।

इस मुद्दे पर बुधवार को रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की अध्यक्षता में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। जिसमें अमित जोगी के‌ खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। इस दौरान अजीत जोगी और अमित जोगी की ओर से नोटिस के संबंध में दिए गए जवाब पर भी चर्चा हुई।

मामले में काफी गहमागहमी के बाद पीसीसी सदस्यों ने अमित जोगी को छह साल के लिए पार्टी से निष्काषित करने का फरमान सुना दिया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय केन्द्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया गया।

साभार अमर उजाला


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें