tanzil ahamad

एनआईए के डेप्युटी एसपी तंजील अहमद की हत्या प्रॉपर्टी विवाद में की गई थी। जांच एजेंसियों ने बुधवार को छात्र समेत दो शूटरों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध कबूला है। तंजील के गांव के ही एक करीबी ने दिल्ली में दुकान पर कब्जे की रंजिश को लेकर भाड़े के शूटरों से हत्या करवाई। गुरुवार को इस हत्याकांड का खुलासा हो सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिया गया मुनीर बिजनौर का हिस्ट्रीशीटर है। वह एएमयू का पूर्व छात्र है। हिरासत में लिया गया दूसरा व्यक्ति मुनीर का साथी रिजवान है। जांच से जुड़े एक अधिकारी का दावा है कि मुनीर ने हत्या किया जाना कबूल किया है। तंजील के गांव के ही एक शख्स ने मुनीर को पैसे देकर यह हत्या करवाई थी।

हालांकि, हिरासत में लिए गए रिजवान का कहना है कि उसे हत्या की जानकारी नहीं थी। मुनीर उसे बुलाया और अपने साथ चलने को कहा। मुनीर के खिलाफ अलीगढ़ एवं बिजनौर में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। सितंबर 2015 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सहारनपुर निवासी छात्र आलमगीर की हत्या के मामले में भी मुनीर का नाम सामने आया था। वह तब से वॉटेंड था।

टेरर एंगल नहीं
डेप्युटी एसपी तंजील अहमद की हत्या में निजी कारण सामने आने के बाद टेरर एंगल की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है। इस संबंध में एडीजी एलओ दलजीत सिंह चौधरी ने बुधवार दिल्ली में मीडियाकर्मियों के सामने इस बात की पुष्टि भी की कि तंजील अहमद की हत्या के पीछे निजी वजह है।

पत्नी को थी जानकारी
सूत्रों के मुताबिक दुकान के कारण रंजिश की जानकारी तंजील की पत्नी फरजाना को भी थी। इसी वजह से वह स्योहरा की शादी में जाने से मना कर रही थी। जांच अधिकारियों से मिली सूचना के अनुसार दुकान की कीमत दो करोड़ के आसपास है।


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