नोएडा की एक कंपनी ने “सऊदी एबेंसी” नाम की फेक वेबसाइट (डोमेन) बनायीं, जिस पर सऊदी अरबिया के बारे में अश्लील जानकारियाँ डाली गयी थी.

गौरतलब है की सऊदी अरब पोर्न साइट्स और अश्लील सामग्री को लेकर बहुत कठोर है तथा अधिकतर इन्टरनेट वेबसाइट को वहां प्रतिबंधित किया हुआ है,  परन्तु यहाँ  सऊदी एम्बेसी के नाम का इस्तमाल किया गया तो पुरे अरब में कोहराम सा मच गया. फेक वेबसाइट का डोमेन भारत से रजिस्टर्ड होने की वजह  से उन्होने यह खबर दिल्ली में स्थित “रॉयल एम्बेसी ऑफ़ सऊदी अरब” को सूचित किया, एम्बेसी ने पहले तो वेबसाइट के बारे में खुद ही जानकारियाँ निकाली फिर अनेक सबूत जमा करके विदेश मंत्रालय को तुरंत कार्यवाही  करने  के  लिए पत्र लिखा.

इसे साइबर क्राइम का गंभीर मामला बताते हुए एक्शन लेने को कहा गया, विदेश मंत्रालय की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज करके खोजबीन शुरु कर दी है. आरोपियों तक पहुचने के लिए साइबर क्राइम की एक स्पेशल टीम बनायीं गयी, सूत्रों का कहना है की सऊदी अरब एजेंसी ने शुरुआती खोजबीन के बिना ही पुलिस को काफी जानकारियाँ दी हैं, उन्होने पुलिस को उस व्यक्ति की जानकारी दी है जिसने यह बनाया है उन्होंने कहा है की यह वेबसाइट का डोमेन नोएडा की किसी कंपनी द्वारा रजिस्टर्ड करवाया गया  था .

परन्तु दिल्ली पुलिस का कहना है यह गलत भी  हो सकता है किसी को फंसाया भी जा सकता है दिल्ली पुलिस अभी उस व्यक्ति के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रही है और  पुलिस अभी पक्के सबूतों को जुटाने की कोशिश कर रही है. एम्बेसी से उस वेबसाइट के स्क्रीन शॉट भी मांगे गए जिस पर अश्लील सामग्री परोसने की बात की गयी यह वेबसाइट अब हटा दी गयी है .

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी आयोग ने पिछले दो सालों में 600,000 से अधिक पॉर्न साइट्स को ब्लॉक किया है। सऊदी अरब में अश्लील कंटेंट शेयर और प्रमोट करने वालों को 5 साल जेल की कैद और 3 मिलियन सऊदी राशि का जुर्माना लगाया जाएगा।


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