दिल्ली यूनिवर्सिटी, नॉर्थ कैंपस. मुद्दाः राम मंदिर. और वक्ताः बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी. स्वामी को पूरा यकीन है कि राम मंदिर का काम इस साल शुरू होकर ही रहेगा. यही भरोसा उन्होंने डीयू में शनिवार को शुरू हुए दो दिन के सेमिनार में भी जताया. बोले- मैंने आपसे कहा था कि 2जी घोटाले में राजा जेल जाएंगे, वो गए. मैंने सेतुसमुद्रम के बारे में जो कहा था, हुआ. मैंने नेशनल हेराल्ड केस के लिए कुछ कहा है, वो भी होगा. अब मैं राम मंदिर के बारे में कह रहा हूं. यह भी बनेगा.

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कारण गिनाए, क्यों जरूरी है मंदिर

  • वीएचपी के दिवंगत संस्थापक अशोक सिंघल चाहते थे कि मंदिर बने .
  • इस देश की संस्कृति के पुनरुत्थान के लिए राम मंदिर बनना जरूरी है.
  • गुंबद में राम मंदिर था, ये सिद्ध हो चुका है. इसलिए मंदिर बनेगा.

विरोधी भी बताए, जो नहीं चाहते काम हो

  • विरोधी मुसलमान नहीं, कुछ हिंदू ही हैं, जो बाहर विरोध कर रहे हैं.
  • विरोध वो कर रहे हैं, जो जिन्हें अपनी राजनीति चमकानी है.
  • राम मंदिर का विरोध वे लोग कर रहे हैं, जो बीजेपी के विरोधी हैं.

और डील, जो मस्जिद के हटाने के लिए बताई
स्वामी बोले- मुस्लिमों ने माना था कि यदि यह साबित हो जाए कि यहां मंदिर था तो वे दावा छोड़ देंगे. यह साबित हो चुका है. अब यदि मस्जिद को हटाया जा सकता है तो हम आपको सरयू नदी के तट पर जमीन देंगे. स्वामी ने कहा कि हम यह सेमिनार एक कमरे में करना चाहते थे. लेकिन विरोधियों ने ऐसा होने नहीं दिया. इससे पहले स्वामी ने सेमिनार का विरोध करने वालों को असहिष्णु बताया था.

कल भी जारी रह सकता है विरोध
आम आदमी पार्टी की स्टूडेंट विंग, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) और कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI ने सेमिनार का विरोध किया है. वहीं, यूनिवर्सिटी ने अपने आपको इससे अलग करते हुए कहा है कि उसका इस सेमिनार के विषय से कोई लेना-देना नहीं है. विरोध रविवार को भी जारी रह सकता है. इस बीच, डीयू में आईटीबीपी और दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए गए हैं.

इंडिया पॉलिसी फाउंडेशन के डायरेक्टर राकेश सिन्हा ने सेमिनार का विरोध करने वालों को जवाब दिया. उन्होंने सेमिनार को सकारात्मक और विरोध को अलोकतांत्रिक बताया. साभार: आज तक


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