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नई दिल्ली | नोट बैन के बाद लोगो के मन में कई सवाल घर किये हुए है. कुछ लोग यह मानते है की मोदी सरकार का यह कदम , देश हित में उठाया गया सार्थक कदम है वही कुछ लोग इसके विरोध में भी बोल रहे है. आम आदमी से लेकर मीडिया तक , सभी इस सवाल में उलझे हुए है की आखिर यह योजना कब बनी होगी, आखिर 2000 के नोट कितनी जल्दी सर्कुलेशन में आयेंगे, ये कब छपने शुरू हुए और कितने नोट छपे होंगे?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार , केंद्र सरकार ने करीब छह महीने पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी. इस योजना की रुपरेखा रघु राजन के आरबीआई गवर्नर रहते ही तैयार कर ली गयी थी. इसके अलावा तीन महीने पहले 2000 के नए नोट की छपाई शुरू हो गयी. इस बात को पूरा गोपनीय रखने की कोशिश की गयी लेकिन फिर भी यह खबर मीडिया में लीक हो गयी. यही नही 2000 के नोट की फोटो सोशल मीडिया में वायरल भी हो गयी.

सूत्र बताते है की यह जानकारी हैदराबाद के छपाईखाने से लीक की गयी. मिले आंकड़ो के अनुसार, 2000 के करीब 7 लाख करोड़ के 3.5 अरब नोट छापे गए है. यह संख्या, पूर्व चलन में रहे 1000 के नोटों से ज्यादा है. इसका मतलब सरकार यह चाहती है की देश में 2000 के नोट का सर्कुलेशन ज्यादा हो. सरकार का यह कदम समझ से परे है क्योकि बड़े नोट किसी भी देश में कालेधन बढ़ने का सबसे बड़ा श्रोत होता है.

दूसरी तरफ बताया जा रहा है की आरबीआई और केंद्र सरकार की तरफ से केवल छह लोगो को इसकी जानकारी थी. हाँ आरबीआई की तरफ से सभी बैंकों के मुद्रा प्रबंधन डिविजन को मंगलवार को मुख्यालय बुलाया गया था. यहाँ इन लोगो को 2000 के नोट के बक्शे थमाए गए और कहा गया की इनमे 2000 के नए नोट है. इसके अलावा यह भी कहा गया की यह बात किसी को नही बताये और अगले आदेश तक इन बक्शो को न खोले.


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