मिलिए कोलकाता की रहने वालीं अनआरा खातून से, जिनके कार्यों को भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी सलामी देने को मजबूर हुए हैं.

आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अनआरा को राष्ट्रपति भवन में ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया हैं. अनआरा को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सम्मानित कर चुकी हैं. उनको समानित करने के पीछे बच्चों के लिए किये उनके काम हैं.

अनआरा अब तक अब तक 50 बाल विवाह को रुकवा चुकी हैं तो वहीँ 180 बच्चों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाकर उनके परिजनों से मिलवाया है. अनआरा  की वजह से बच्चों की तस्करी की 135 मामलें नाकाम हुए हैं.

अनआरा  का काम देश में ही नहीं दुनिया भर में सराहा जा रहा हैं. बाल अधिकारों से जुड़े मसलों पर अपनी बात रखने के लिए दो बार न्यूयॉर्क में आयोजित हुई युनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली सम्मलेन में आमंत्रित किया जा चुका है. इसके अलावा वे 2014 में ब्रूसेल्स में बाल अधिकारों पर हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं


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