लखनऊ: रिहाई मंच ने सपा सरकार से मांग की है कि वह सम्भल से अलकायदा के नाम पर फंसाए गए लोगों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। मंच ने आरोप लगाया है कि सपा और दूसरी तथाकथित सेक्यूलर पार्टियां अपने हिंदू वोट बैंक के नाराज हो जाने के डर से अलकायदा के नाम पर फंसाए जा रहे लोगों के सवाल पर खामोश हैं।

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रिहाई मंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंच के नेता राजीव यादव ने आरोप लगाया है कि समाजवादी पार्टी ने अगर आतंकवाद के नाम पर फंसाए गए लोगों को रिहा करने का अपना चुनावी वादा पूरा किया होता तो सम्भल से अलकायदा के नाम पर बेगुनाह मुस्लिम युवकों को फंसाने की हिम्मत कंेद्रिय जांच और सुरक्षा एजेंसियां नहीं कर सकती थीं। उन्होंने अखिलेश सरकार से मांग की है कि वो सम्भल के लोगों पर साम्प्रदायिक कार्यशैली के लिए बदनाम सुरक्षा और जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। राजीव यादव ने आरोप लगाया है कि सपा और भाजपा विरोध के नाम पर महागठबंधन बनाने वाली राजद, जदयू और कांग्रेस सभी इस मसले पर मोदी सरकार के साथ खड़ी हैं।

सम्भल का दौरा करके लौटे राजीव यादव ने कहा कि खुफिया विभाग मीडिया के एक हिस्से द्वारा ऐसी फर्जी खबरें प्लांट करवा रहा है कि सम्भल से और भी युवक गायब हैं, जो पूरी तरह से बेबुनियाद है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा आने वाले दिनों में 26 जनवरी के आस-पास और भी बेगुनाहों को फंसाने या फर्जी मुठभेड़ों में मार देने की साजिश के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी योजना के तहत खुफिया एजेंसियां पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रधान मंत्री मोदी और संसद भवन के आतंकियों के निशाने पर होने की खबरें फैला रही हैं। ताकि 26 जनवरी तक समाज के एक बड़े हिस्से के अंदर राष्ट्र की सुरक्षा पर मंडराते खतरे के नाम पर दहशत भर दिया जाए ताकि वह किसी भी बेगुनाह मुस्लिम के आतंकवादी के बतौर पकड़े या मारे जाने पर सवाल नहीं उठाए। रिहाई मंच नेता ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वह अपने प्रियजनों के लापता होने या सम्पर्क के दायरे से बाहर होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दें ताकि खुफिया और सुरक्षा एजेंसियांे के मुसलमानों को आतंकवाद के नाम पर फंसाने के साम्प्रदायिक साजिशों को नाकाम किया जा सके।

वहीं रिहाई मंच नेता और संजरपुर आजमगढ़ के निवासी मसीहुद्दीन संजरी ने कहा है कि सपा जब सत्ता में नहीं थी तो उसके नेता संजरपुर आकर लोगों को बटला हाऊस फर्जी मुठभेड़ में इंसाफ दिलाने का वादा करते थे। लेकिन सम्भल से फंसाए जा रहे बेगुनाहों के सवाल पर मुलायम सिंह या अखिलेश यादव सम्भल इसलिए नहीं जा रहे हैं कि इससे उनका हिंदू वोट बैंक नाराज हो जाएगा।


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