एक तरफ भारत में जहा लोग मानते है कि देश में कुछ लोग असुहिष्णु है तो वही दूसरा वर्ग इसे मानने को तैयार नहीं। सुहिष्णुता और असुहिष्णुता पर काफी बहस और चर्चा हो चुकी है लेकिन ताज़ा मामला दिल्ली का है जहा कुछ लोग केवट उर्दू भाषा कि पुस्तक सहन करके सुहिष्णु न बन सके.

भारतीय जनता के भाग जो एक पार्टी विशेष को पूरी तरह राष्ट्रवादी मानता है के दिलो में सुहिष्णुता इस तरह रच बस चुका है कि उसके परिणाम बिलकुल आम हो रहे है ,दो दिन पहले एक महिला ने ट्विटर पे अपना मेसेज साझा किया है जिसमे उसके मित्र के साथ घटी घटना का उल्लेख था ट्वीट साझा करते हुये महिला ने अपनी चिन्ताओ का इज़हार भी इज़हार किया
सन्देश में महिला के दोस्त ने लिखा मैं दिल्ली मेट्रो में थी मैं उर्दू में लिखी गयी जश्ने- रेखता किताब पढ़ रही थी. इसी बीच दो लोग आपस में बात करते है “इन हरामियों को सीधा पाकिस्तान भेजो ,देखो कश्मीर में क्या ****** मचाया हुआ है ,पाकिस्तानी है सब के सब “  (hindiustad)

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें
SHARE