भारत-पाक सीमा पर 500 मीटर की दूरी पर बसा फाजिल्का सेक्टर का गांव मुहार जमशेर आजादी के 69 वर्षों बाद ‘आजाद’ होने जा रहा है। केंद्र सरकार, सीमा सुरक्षा बल और गृह मंत्रालय ने गांव के तीनों तरफ लगी कंटीली तार को हटाने का फैसला किया है।

गांव मुहार जमशेर के बाशिंदे वर्ष 1995 को गांव के लिए ‘मनहूस वर्ष’ मानते हैं। क्योंकि इस साल केंद्र सरकार व सीमा सुरक्षा बल ने गांव को तीनों तरफ से कंटीली तार से कवर कर दिया था। इसके पीछे कारण यह था कि यह गांव भारत-पाक सीमा पर 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। तीन तरफ से गांव पाकिस्तान की सीमा से लगता है। ऐसे में सरकार व सीमा सुरक्षा बल ने यहां से पड़ोसी देश की गलत गतिविधियों व तस्करी को रोकने के लिए गांव के तीनों तरफ से कंटीली तार लगा दी थी।

21 साल से यहां के बाशिंदे ‘गुलाम’ की तरह रह रहे थे, क्योंकि उक्त गांव के हर बाशिंदे को अपने घर व खेत में आने-जाने के लिए हर बार अपनी व सामान की तलाशी देकर आना गुजरना पड़ता था। 23 मार्च देशवासियों के लिए एक शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के शहीदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है। गांववासियों के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक दिन के तौर पर यादगार बन जाएगा।

गांव में बुधवार को युवाओं की ओर से एक विशेष कार्यक्रम रखा गया है। इस दौरान जहां महान शहीदों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। वहीं, होली पर्व पर रंग गुलाल लगाकर और आतिशबाजी छोड़कर लगभग 69 साल बाद अपने ‘आजाद’ होने की खुशियां इकट्ठे हो कर मनाएंगे। (News24)


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