“भारत भर के तमाम पाठक, लेखक, प्रकाशक और पुस्तक मेले के प्रशंसक हर बरस मेले की बाट जोहते हैं। इस साल यह मेला हर साल की तरह प्रगति मैदान में 9 से 17 जनवरी 2016 को होगा।”

इस बार पुस्तक मेला कुछ खास होगा। इस बार पुस्तक मेले की थीम यानी विषय भारत की सांस्कृतिक विरासत होगी। किताबों के साथ-साथ इस बार मेले में भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।

हर बार की तरह इस बार भी मेल का आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) कर रहा है। एनबीटी के चेयरमैन बलदेव भाई शर्मा ने बताया, ‘इस बार भारतीय लिपियों और पुस्तकों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत के बारे में बताया जाएगा। इसके लिए शारदा और ब्राह्मी लिपि की पुस्तकें भी मेले में अवलोकनार्थ होंगी। भारत में भोजपत्र से लेकर ईबुक तक की जो यात्रा रही है, उसे पुस्तकों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।’

न्यास यह भी प्रयास कर रहा है कि कुछ प्राचीन पांडुलिपियां भी यहां लाई जा सकें। साथ ही पहली बार दर्शक कपड़े पर लिखी हुई कुरान को देख सकेंगे। चेयरमैन ने बताया, ‘लेखकों से संवाद और बातचीत के साथ गीत गोविंद, विद्यापति के काव्य, कालीदास की कुछ रचनाओं के साथ सिंधी भाषा की पुस्तक शाह रो रिसालो पर नाट्य प्रस्तुतियां होंगी। प्रस्तुतियों के लिए संस्कृति मंत्रालयों, विभिन्न परिषदों से मदद ली गई है। पूवोत्तर से आए दल भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।’

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुस्तक मेले में इसकी बानगी देखने को मिलेगी। न्यास ने 40 वर्ष से कम आयु के लेखकों की पहली पुस्तक प्रकाशित की है। हिंदी भाषा में दस और अन्य भारतीय भाषाओं की दस पुस्तकें इस योजना के तहत प्रकाशित की गई हैं। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इस योजना के लिए प्रयास किया था। मेले में इन किताबों का विमोचन होगा। साभार: आउटलुक हिंदी


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