Irfan-Habib
देश के जाने-माने इतिहासकार प्रो.इरफ़ान हबीब के एक बयान ने आरएसएस खेमे में खलबली मचा दी है जहाँ उन्होंने अपने बयान के माध्यम से यह पूछा था की “आरएसएस बताएं की उसने ब्रिटिश राज्य के खिलाफ क्या किया है”. इस बयान को लेकर इरफ़ान हबीब के खिलाफ FIR दर्ज करा दी गयी है. सीजेएम न्यायालय ने सुनवाई के लिए 23 जनवरी नियत कर याची को बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं! हालांकि में मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई थी, मगर अदालत का कहना है कि इस शिकायत में मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराए जाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं!

प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता सरदार मुकेश सैनी व इफ्राहीम हुसैन के माध्यम से स्वयं सेवक गोपाल बघेल निवासी डिप्टीगंज नौरंगाबाद ने सीजेएम न्यायालय में यह याचिका दायर की थी! याचिका में कहा गया है कि उसने 22 मार्च 2016 को समाचारपत्र में इतिहासकार इरफान हबीब का यह बयान ‘आरएसएस बताए उसने ब्रिटिश राज के खिलाफ क्या किया’ पढ़ा! इरफान हबीब ने लखनऊ में यह बयान दिया था! यह पढ़कर वह बेहद आहत हुआ और उसे मानसिक आघात पहुंचा! चूंकि वह स्वयं सेवक है और भाजपा में आस्था रखता है! इसलिए उसने इरफान हबीब के खिलाफ मुकदमे के लिए याचिका दायर की है! इस याचिका में सीआरपीसी की दफा 156/3 के तहत मुकदमे का अनुरोध किया गया! अदालत ने साक्ष्यों व बहस के आधार पर मुकदमा दर्ज कराकर विवेचना का पर्याप्त आधार नहीं होना बताया!

प्रोफेसर इरफ़ान हबीब ने कहा कि “आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई! इतिहास में ऐसा कोई जिक्र नहीं मिलता है कि उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में ब्रिटिश राज का विरोध किया हो! मेरा बयान ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है और बेहद शिष्ट भाषा में दिया गया है! जहां तक याचिका का सवाल है तो, कल कोई यह भी याचिका दायर कर सकता है कि अशोक चक्रवर्ती सम्राट नहीं था। ऐसी प्रवृत्तियों पर क्या टिप्पणी की जा सकती है। जो ऐतिहासिक तथ्य हैं, उनसे सभी लोग भली भांति परिचित हैं”


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