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तबलीगी जमात भारत के सदर मौलाना साद पर गुमराही, इस्लामिक शरियत के गलत मायने बताने और अल्लाह के पैगम्बरों का अपमान करने का आरोप लागते हुए दारुल उलूम देवबंद ने एक फतवा ज़ारी किया है और कहा है कि मौलाना साद गुमराह हो गए हैं और उनको बिना किसी देरी के तौबा करनी चाहिए।

“यह हमारा फ़र्ज़ है कि हम मुसलमानों और खासतौर से तबलीगी जमात से जुड़े लोगों को इस बात से आगाह करें कि मौलाना साद कान्धलवी जानकारी की कमी की वजह से कुरान और सुन्नाह का गलत तरीके से मतलब बता रहे हैं, ” दारुल उलूम ने अपनी वेबसाइट पर ज़ारी किये फतवे में कहा।

यह फतवा, खासतौर से आलिमों के लिखा गया था और उन्ही के बीच साझा किया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर लीक और वायरल होने के बाद दारुल उलूम ने इसे आधिकारिक तौर पर अपनी वेबसाइट पर ज़ारी कर दिया।

विगत दिनों भी उन्होंने भोपाल में आयोजित हुए तीन दिवसीय तबलीगी इज्तमा में गैर शरई बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा कि मक्का मुकर्रमा और मदीना (सऊदी अरब) के बाद दुनिया में सबसे इज्जत और बड़ाई वाला स्थान मरकज हजरत निजामुद्दीन है।

उन्होंने बयान में यह भी कहा कि दीन की कोई भी समस्या छोटी या बड़ी वह इस संबंध में हजरत निजामुद्दीन से ही संपर्क करें। उनके इस बयान के बाद दुनियाभर में रहने वाले मुसलमानों और तबलीगी दुनिया में बैचेनी पैदा कर दी थी।

दारुल उलूम सोमवार की रात स्पष्टीकरण व फतवा जारी कर कहा कि मौलाना साद कम इल्मी होने के कारण अपनी वैचारिक व कुरआन हदीस की व्याख्या करने में जमहूर अहले सुन्नत (जिन बातों पर उलेमा एक मत हैं) तथा असलाफ (बड़े उलेमा) के रास्ते से हटते जा रहे हैं।

जो बिला शुबह गुमराही का रास्ता है। इसके लिए उन्हें तौबा करनी चाहिए। उधर, गैर जिम्मेदाराना व गैर शरई बयान देने के बाद चर्चाओं में आए मौलाना साद कांधलवी ने एक प्रतिनिधिमंडल को दारुल उलूम भी भेजा था।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने मौलाना साद की तरफ से गलती कबूल करने तथा लिखित में देनी की बात कही थी। लेकिन दारुल उलूम को प्राप्त लिखित माफीनामे से उलेमा संतुष्ट नहीं हुए। जिसके बाद दारुल उलूम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मौलाना साद के खिलाफ फतवा जारी किया।

फतवे में तबलीगी जमात के बड़े आलिमों से भी गुज़ारिश की गयी है कि वे इस मामले में दखल दें और जल्द से जल्द ज़रूरी कदम उठाएं। “अगर जल्द ही कोई बड़ा और सही कदम नहीं उठाया गया तब हमें डर है कि तबलीगी जमात से जुड़े बड़ी तादाद में लोग भी गुमराह हो जायेंगे, ” फतवे में कहा गया।

तबलीगी जमात पर पहले भी कई लोग सवाल उठा चुके हैं। हाल ही में देवबंद के कुछ आलिमों ने जमात के खिलाफ कुछ आर्टिकल लिखे थे। लेकिन यह पहली दफा हो रहा है जब दारुल उलूम देवबंद ने जमात और उसके सदर के खिलाफ कुछ कहा है, और फतवा ज़ारी किया है।


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