नई दिल्ली। साल 2015 में नशे में धुत बताए जा रहे दिल्ली मेट्रो में पुलिस के एक जवान का वीडियो वायरल हुआ था। दिल्ली पुलिस ने वीडियो पर संज्ञान लेते हुए जवान को सस्पेंड भी कर दिया था। लेकिन अब पता चला है कि जवान सलीम नशे में नहीं थे बल्कि उन्हें दिल का दौरा आया था। अब सलीम अपनी मानहानि के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल पहले के वीडियो ‘ड्रंक दिल्ली पुलिस मैन ऑन दिल्ली मेट्रो-फनी’ में हेड कॉन्स्टेबल सलीम को नशे में समझा गया। यूट्यूब पर अपलोड होने के बाद यह वीडियो भारत के साथ पूरी दुनिया में देखा गया। सलीम ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
वीडियो 19 अगस्त 2015 के दिन का है। इस घटना के बाद सलीम को सस्पेंड कर दिया गया था। लेकिन सलीम ने लगातार दावा किया कि वह नशे में नहीं थे। आखिरकार जांच में उनका दावा सही पाया गया। उस वक्त के पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी से क्लीनचिट मिलने के बाद सलीम अब सुप्रीम कोर्ट की शरण में हैं।
वहीं पुलिस विभाग ने अपनी गलती मानते हुए सलीम के सस्पेंशन की अवधि को भी ड्यूटी पर बिताया गया वक्त माना है। साथ सलीम ने केंद्र से कहा है कि सोशल मीडिया के ऐसे इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए।
सलीम यह भी चाहते हैं कि दिल्ली सरकार, पुलिस कमिश्नर, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया उनके खोए हुए सम्मान को वापस लाए। इसके लिए वह चाहते हैं कि महत्वपूर्ण जगहों पर मामलों से जुड़े सही तथ्य दिखाने के अलावा उसे प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी दिखाया जाए।
https://youtu.be/x23TpCXIAYM?t=36
दरअसल सलीम पहले से ब्रेन हैमरेज की वजह अपने शरीर के बाएं हिस्से में पैरालाइज का शिकार थे। उनका इलाज चल रहा था। इसी वजह से उन्हें विभाग ने डेस्क जॉब में रखा था। 19 अगस्त की शाम को काम के दौरान सलीम को कमजोरी महसूस हुई। लेकिन उन्होंने रात 9:30 तक अपनी ड्यूटी जारी रखी। वह अपनी दवा लेना भी भूल गए। इसके बाद जब वह मेट्रो में सवार हुए तो उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। लड़खड़ाते सलीम को देखकर लोगों ने उन्हें नशे में समझ लिया। इसके बाद किसी ने उनका वीडियो बना लिया। (Live India)

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