कुछ विवादित बाबाओं के कारण आज गेरूआ वस्त्र धारण करने वाले सभी बाबाओं की छवि पर प्रश्नचिन्ह लगा है। आज कुछ ऐसे ही विवादित बाबाओं के बारे में हम आपको बताएंगे।
लखनऊ. भाजपा के पूर्व विधायक आैर देवीपाटन शक्तिपीठ के पूर्व महंत कौशलेन्द्र नाथ को लखनऊ में नौकरानी के साथ रंगरेलियां मनाते पकड़े जाने के बाद गेरूआ वस्त्र धारण करने वाले योगियों का मामला एक बार फिर से गर्मा गया है। लोग गेरूआ वस्त्र धारण करने वाले बाबाओं को अपने सर आंखों पर बैठाते हैं तो इन्हीं में से कुछ बाबा महिलाओं को भोग का साधन मानते हैं। इन बाबाओं पर रेप, हत्या, धोखाधड़ी जैसे कई संगीन आरोप सामने आ चुके हैं। इनमें से कुछ जेल में हैं तो कुछ पर अदालत में मामला चल रहा है। ऐसे की कुछ विवादित बाबाओं के कारण आज गेरूआ वस्त्र धारण करने वाले सभी बाबाओं की छवि पर प्रश्नचिन्ह लगने लगा है। आज कुछ ऐसे ही विवादित बाबाओं के बारे में हम आपको बताएंगे।
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नौकरानी के साथ पकड़े गए योगी कौशलेन्द्र
हाल ही में भाजपा के पूर्व विधायक योगी कौशलेन्द्र नाथ लखनऊ स्थित अपने आवास पर नौकरानी के साथ रंगरेलियां मनाते पकड़े गए। नौकरानी का पति मौके पर पहुंचा तो ये सब देख आगबबूला हो गया। अब इस बात का तो जांच के बाद ही पता चलेगा कि इस विधायक यह खेल कितने दिनों से चलता आ रहा है। नौकरानी के पति ने पूर्व विधायक के खिलाफ दूसरे की पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में शिकायत दर्ज कराई है।
 
राधे मां पर अश्लील हरकत का आरोप
खुद को देवी बताने वाली राधे मां पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगा था। इस घटना के बाद एक न्यूज चैनल पर राधे मां के दरबार में शामिल हो चुकी एक महिला वकील ने राधे मां पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया था।
 
नित्यानंद स्वामी
दक्षिण भारत के जानेमाने धर्मगुरु स्वामी नित्यानंद यौन शोषण के आरोपों में घिरे होने के साथ-साथ जेल की हवा खा चुके हैं। 2010 में उनकी सेक्स सीडी आने के बाद खूब हंगामा हुआ था। आरोप लगे कि सीडी में नित्यानंद एक एक्ट्रेस के साथ यौन संबंध बना रहे हैं। सीडी की जांच हुई, सेंट्रल फॉरेंसिक लैब ने सीडी को सही बताया, लेकिन नित्यानंद के आश्रम ने एक अमेरिकी लैब की रिपोर्ट पेश कर दी, जिसने सीडी से छेड़छाड़ होने की पुष्टि की गई।
 
इस मामले में वे काफी समय तक पुलिस से भागते रहे बंगलुरू पुलिस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया था। उन्हें 52 दिन जेल में रहना पड़ा। इसके बाद एक अमेरिकी महिला और एक उनके एक पुरूष अनुयायी ने स्वामी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा दिए थे। हांलाकि नित्यानंद ने इससे इनकार किया लेकिन इसके बाद भी उनका इतना विरोध हुआ कि उन्हें शाही स्नान से भी दूर रहना पड़ा। बाबा पर इस संबंध में भी मामला दर्ज है। इसके बाद नित्यानंद का आश्रम बंद कर दिया गया।
 
जेल में हैं आसाराम बापू
आसाराम बापू पर 16 वर्षीय लड़की ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। अलग-अलग थानों में आसाराम के खिलाफ रेप, हत्या, छेड़खानी और धमकी का मामला दर्ज है। आसाराम इस जेल में बंद हैं। साल 2008 में आसाराम के मोटेरा स्थित गुरुकुल में पढ़ने वाले दो बच्चों की आश्रम में संदिग्ध रूप से मौत हो गई। उस दौरान आसाराम पर आरोप लगा था कि आश्रम में तंत्र-मंत्र के चक्कर में बच्चों की मौत हुई है। 2009 में राजू चंदक नाम के एक व्यक्ति ने उन पर काले जादू के जरिए मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया। राजू चंदक ने यह भी आरोप लगाया कि आसाराम के आश्रम में महिलाओं का यौन शोषण किया जाता है।
 
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह
सिरसा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह विवादों में तब आए जब उन पर महिला अनुयायियों के यौन शोषण और एक पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का आरोप लगा। मई, 2002 में प्रधानमंत्री के पास भेजे गए एक अनजान पत्र में डेरा के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया गया था। सितंबर, 2008 में डेरे की एक साध्वी ने ही राम रहीम पर यौन शोषण का आरोप लगाया। राम रहीम पर डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या का आरोप भी लगा था। राम रहीम के खिलाफ कोर्ट ने धमकी, यौन शोषण, महिला की मर्यादा को अपमानित के तहत आरोप तय किए थे।
 
इच्छाधारी बाबा उर्फ संत भीमानंद महाराज
दिल्ली से पकड़े गए इच्छाधारी बाबा उर्फ संत भीमानंद महाराज का असली नाम शिवमूरत द्विवेदी है। वह चित्रकूट के चमरौहा गांव का रहने वाले हैं। जेल से छूटने के बाद ये स्वामी खुद को साईं बाबा का अवतार बताने लगे। 12 साल में ही इस स्वामी ने करोड़ों की संपत्ति बना ली। ये बाबा चित्रकूट में प्रवचन की आड़ में सेक्स रैकेट चलाया करते थे। स्वयंभू बाबा को कथित तौर पर वेश्यावृत्ति चलाने के आरोप में मकोका के तहत गिरफ्तार भी किया गया था। इच्छाधारी को शिव मूरत द्विवेदी के नाम से भी जाना जाता है। इच्छाधारी बाबा के कई बार सेक्स रैकेट में भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। इसमें श्रीनिवासपुरी में सेक्स रैकेट (1998), लाजपतनगर सेक्स रैकेट (1997), नोएडा सेक्स रैकेट (2003) और 2010 साकेत में सेक्स रैकेट शामिल है।
 
सत्य साईं बाबा
आंध्र प्रदेश में पुट्टपर्थी के सत्य साईं बाबा के ऊपर भी यौन शोषण और लोगों को बरगलाने के आरोप लगते रहे हैं। उनके आश्रम में कथित स्कैंडलों की भी खबरें सामने आईं। बाबा के खिलाफ यौन व्यवहार संबंधी सवाल भी खड़े हो चुके हैं। हालांकि, बाबा ने इसे उनके विरोधियों की साजिश कहकर खारिज कर दिया था। उन पर हाथ की सफाई को चमत्कार कहकर लोगों के भ्रमित करने का देश में ही नहीं विदेशियों ने भी आरोप लगाया था। बाबा पर हवाला, सेवा परियोजनाओं के निष्पादन में धोखाधड़ी और हत्या के भी आरोप लगे। सत्य साईं बाबा की 24 अप्रैल 2011 को मृत्यु हो गई थी।
 
डकैतों को शरण देते थे स्वामी परमानंद
स्वामी परमानंद साध्वी ऋतंभरा के गुरु के रूप में जाने जाते हैं। चित्रकूट में आश्रम बनाकर भक्ति में लीन रहने वाले परमानंद का नाम आदर से लिया जाता था, लेकिन एक बार ओरैया में लोगों ने उनके ऊपर जूते-चप्पल फेंके थे। इतना ही नहीं उन पर आश्रम में इलाके के डकैतों को शरण देने का आरोप लगा था।
 
कृपालु महाराज पर लगा था विदेश में रेप का आरोप
प्रतापगढ़ जिले के मनगढ़ कस्बे में जन्मे रामकृपाल त्रिपाठी उर्फ कृपालु महाराज पर भी महिलाओं से अभद्रता और बलात्कार के आरोप लगे थे। मई 1991 में उन पर लड़कियों को अगवा और रेप करने का आरोप लगा। मई 2007 में त्रिनिदाद और टोबैगो में 22 साल की युवती ने उन पर रेप का आरोप लगाया। इस मामले में कृपालु महाराज की सहयोगी प्रिया शरण महाराज को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कृपालु महाराज की एक शिष्या केरेन जॉनसन ने सेक्स, लाइज एंड टू हिंदू गुरुजः हाउ आई वॉज कॉन्ड बाई अ डैंजरस कल्ट नाम की किताब लिखी थी। इसमें उन्होंने कृपालु महाराज के आश्रमों में चल रही गतिविधियों और खुद कृपालु महाराज के चरित्र को लेकर कई संगीन आरोप लगाए।
 
भूमाफिया थे संत ज्ञानेश्वर
संत ज्ञानेश्वर एक भूमाफिया के रूप में जाने जाते थे। उनकी दूसरों की जमीन पर कब्जा करने की आदत ही उनकी मौत का कारण बनी। महिला कमांडो के संरक्षण में चलने वाले संत ज्ञानेश्वर ने बाराबंकी से लेकर इलाहाबाद तक अपना साम्राज्य फैला रखा था। साल 1999 में सुल्तानपुर से विधायक रहे इंद्रभद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या सुल्तानपुर में कचहरी के पास हुई थी। इस हत्याकांड में संत ज्ञानेश्वर का नाम सामने आया था। इंद्रभद्र सिंह और संत ज्ञानेश्वर के बीच सुल्तानपुर के कूड़ेभार स्थित एक आश्रम को लेकर विवाद चल रहा था। बाद में इसे इंद्रभद्र ने गिरा दिया था। इसी को लेकर के दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही थी। इसके बाद 2006 में संत ज्ञानेश्वर की भी हत्या कर दी गई थी। संत ज्ञानेश्वर की हत्या उस वक्त हुई, जब वे अपने शिष्यों के साथ इलाहाबाद के माघ मेले से लौट रहे थे।
 
साक्षी महाराज पर लगे थे हत्या और बलात्कार के आरोप
स्वामी सच्चिदानंद गिरी उर्फ साक्षी महाराज पर साल 1997 में भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में शामिल होने का आरोप लगा था। हालांकि, बाद में उन्हें क्लीनचिट दे दी गई। 1990 में भाजपा के साथ राजनीतिक पारी शुरू करने वाले साक्षी महाराज फर्रुखाबाद से दो बार सांसद चुने गए। साल 2000 में एटा के कॉलेज प्रिंसिपल ने साक्षी महाराज और उनके दो भतीजों पर गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई। उनके मुताबिक, पीड़ित महिला और उसके पुरुष दोस्त पर साक्षी महाराज और उनके लोगों ने तब हमला किया था, जब वे आगरा से एटा आ रहे थे। महाराज को इस केस में एक महीना तिहाड़ जेल में भी बिताना पड़ा। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। दस साल पहले उनके खिलाफ फर्रुखाबाद में बलात्कार का एक का आरोप लगा था। यह आरोप उनके ही आश्रम की एक शिष्या ने लगाया था। (up.patrika)

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