ज़ेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन के कुछ स्टूडेंट्स उस वक्त हैरान रह गए जब उनके भावी नियोक्ता ने इंटरव्यू के लिए एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया। इस ग्रुप का नाम ‘द इंटर्नशिप’ रखा गया। नियोक्ता गुड़गांव स्थित एक ऐड एजेंसी है, जिसके क्रिएटिव डायरेक्टर का मानना है कि स्टूडेंट्स को उनके आसपास के माहौल में पूरी तरह ढल जाने देना चाहिए, जिससे वे कुछ बेहतर और दूसरों से हटकर सोच सकें।

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इस तरह के अनोखे इंटरव्यू का कंपनी के लिहाज से फायदा यह रहा कि उसे गुड़गांव से मुंबई तक सफर करने में बेवजह की ऊर्जा और समय नहीं खर्च करना पड़ा। साथ ही स्टूडेंट्स भी इस तरीके से खुश नज़र आए और उनमें से सभी को इस ऐड एजेंसी में इंटर्नशिप का मौका भी मिल गया।

इससे पहले भी नेटवर्किंग साइट्स जैसे स्काइप और गूगल हैंगआउट के अलावा ट्विटर, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया ऐप्लिकेशन्स का उपयोग इंटरव्यू के लिहाज से होता रहा है। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान इनका इस्तेमाल कॉलेज के प्लेसमेंट सेल और नियोक्ता दोनों के द्वारा किया जाता है। हालांकि इंटरव्यू के लिए वॉट्सऐप का उपयोग अपने आप में पहली तरह का मामला है, जिसकी सोशल मीडिया पर खासा चर्चा रही।

ऐड एजेंसी द्वारा इंटर्नशिप के लिए सिलेक्ट किए गए साई पडवल ने कहा कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगी कि वॉट्सऐप ग्रुप में जो बातचीत चल रही थी वह इंटरव्यू का हिस्सा थी। उन्होंने बताया, ‘यह काफी नया और रोचक था। हमें ग्रुप में छह से सात टास्क दिए गए। इस दौरान हमारे ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं था, भविष्य में इसी तरह के इंटरव्यूज़ के लिए मैं अब पूरी तरह तैयार हूं।’ स्टूडेंट्स से जो टास्क कराए गए उनमें ‘बी लाइक बिल’ जैसे मेमेज़ बनाने को भी कहा गया था।


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