दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन देने का दावा करने वाली कंपनी एक बड़ा झूठ सामने आया है। संचार मंत्रालय के तहत आने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव राजीव बंसल के सामने रिंगिंग बेल्स के तमाम बड़े अधिकारियों ने अपनी कंपनी की भावी कारोबारी ‘प्लान’ को पेश किया।

मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक कंपनी की तरफ से जो प्लान पेश किया गया वह किसी भी तरीके से एक गंभीर कंपनी का काम नहीं लगता। सबसे पहले तो कंपनी ने यह स्वीकार किया कि उसने अपने उत्पाद के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) की आवश्यक अनुमति भी नहीं ली। इसके अभाव में कंपनी किस तरह से लोगों को न सिर्फ फोन बेचने का वादा किया है बल्कि बड़े पैमाने पर बुकिंग की और विज्ञापन भी दिए। इसकी आगे जांच की जाएगी।

और पढ़े -   बीएसएनएल में किया धमाका - सैटेलाइट फोन सर्विस की लॉन्च, अब बिना नेटवर्क के भी होगी बातचीत

इसके बाद कंपनी ने यह भी माना कि वह फिलहाल भारत में इस फोन को बनाने नहीं जा रही है। कंपनी की योजना पहले 50 लाख फोन आयात करने की है। उसके बाद कंपनी इसका निर्माण करेगी। याद दिला दें कि कंपनी के विज्ञापन लगातार यह दावा करते रहे हैं ‘फ्रीडम 251’ भारत निर्मित मोबाइल फोन है। कंपनी की तरफ से जो आमंत्रण पत्र भेजे गए थे उसमें भी इस बात का जिक्र था।

और पढ़े -   बीएसएनएल में किया धमाका - सैटेलाइट फोन सर्विस की लॉन्च, अब बिना नेटवर्क के भी होगी बातचीत

सरकारी अधिकारियों ने जब यह पूछा कि फोन की इतनी सस्ती कीमत कैसे रखी गई है तो कंपनी ने बताया कि उनकी कई कंपनियों के साथ कमर्शियल समझौते हो चुके हैं। इसके तहत तमाम कंपनियों को अपने उत्पाद इस फोन के जरिए बेचने की अनुमति होगी। इससे कंपनी को राजस्व हासिल होगा जिससे वह फोन की कीमत कम रखने में सफल होगी। कंपनी ने यह भी बताया है कि उसे 30 हजार ग्राहकों से बुकिंग कीमत प्राप्त हुई है। इस राशि को एक अलग खाते में जमा किया गया है। (news24)

और पढ़े -   बीएसएनएल में किया धमाका - सैटेलाइट फोन सर्विस की लॉन्च, अब बिना नेटवर्क के भी होगी बातचीत

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE