नई दिल्ली। केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज कहा कि मोबाइल टॉवर विकिरण के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पडऩे के संबंध में वैश्विक स्तर पर 30 हजार से अधिक अध्ययन हो चुके हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई निर्णायक प्रमाण नहीं मिला है। प्रसाद ने इंडियन इंस्टीट््यूट आफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली में मोबाइल टेलीफोनी में विद्युत चुम्बकीय उत्सर्जन एवं इसके स्वास्थ्य पर प्रभाव विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते समय यह बात कही।

मोबाईल टॉवरों के विकिरण से कुप्रभाव का प्रमाण नहीं: प्रसाद

उन्होनें कहा कि मोबाइल टॉवर विकिरण की भ्रामक सूचनाओं से वायरलेस मोबिलिटी के आगे बढऩे की राह पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस विषय पर 30 हकाार से अधिक अनुसंधान किये गये हैं और अभी तक मोबाइल टॉवर उत्सर्जन का मानव स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़े होने का कोई निर्णायक संबंध सामने नहीं आया है।

इस अवसर पर प्रसाद ने मोबाइल टेलीफोनी के कुछ विशेष मुद्दों पर केन्द्रित एक रिपोर्ट भी जारी की जिसमें मोबाइल टॉवरों से निकलने वाले विकिरण और मानव स्वास्थ्य पर उनके संभावित प्रभावों जैसे विषयों पर जानकारी दी गई है।

इस सम्मेलन में वैश्विक स्तर के दूरसंचार विशेषज्ञ और चिकित्सकों ने भाग लिया, जिनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. एम.सी. मिश्रा, यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवानिया की डॉ. केनेथ आर. फोस्टर और दूरसंचार आयोग के पूर्व सदस्य एस.एस. सिरोही शामिल हैं। (samacharjagat.com)


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