केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना आधार कार्ड की गोपनीयता को लेकर फिर से सवाल उठ रहे हैं. एक बार फिर से आधार कार्ड के डाटा के लिक होने का मामला सामने आया हैं.

झारखंड के बाद एक बार फिर देश में करीब 13.5 करोड़ लोगों का आधार कार्ड का डाटा लीक हुआ हैं. बेंगलुरु की सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी द्वारा सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग सरकारी विभागों ने करोड़ों लोगों की आधार कार्ड का डाटा सार्वजनिक कर दिया है.

इस डाटा को कोई भी देख सकता है. पहले दो डाटा बेस केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़े हुए हैं. इनमें नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम का डैशबोर्ड और नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा) का पोर्टल शामिल है. इनमें दो डाटा बेस आंध्र प्रदेश से जुड़े हैं. इनमें एक राज्य का मनरेगा पोर्टल और चंद्राना बीमा नामक सरकारी स्कीम की वेबसाइट है.

इन वेबसाइट पर लाखों लोगों की आधार नंबरों की जानकारी दी गई है, जिसे कोई भी देख सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, चार वेब पोर्टल से लीक हुए आधार नंबर 13 से 13.5 करोड़ के बीच हो सकते हैं. वहीं बैंक खातों की जानकारी 10 करोड़ के आसपास हो सकती है.

नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम के पोर्टल पर आधार कार्ड से जुड़े हुए 94.32 लाख से ज्यादा बैंक खाता और 14.98 लाख से ज्यादा डाकघर खातों की जानकारी है. गौरतलब रहें कि आधार से जुड़ी कोई भी जानकारी- जैसे की नाम, जन्म तिथि, पता आदि को सार्वजनिक करना, आधार कानून-2016 के तहत अपराध है.


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