उज्जैन। खुद पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर त्रिकाल भवंता ने मुख्यमंत्री व अखाड़ा परिषद को आड़े हाथों लेते हुवे कहा कि मुख्यमंत्री व अखाड़ा परिषद के आदेश पर मुझ पर पुलिस कार्रवाई की गयी है। मुझ पर करवाई कर नारी शक्ति का अपमान किया गया हैं. अब शिवराजसिंह चौहान सीएम के पद पर नहीं रह पाएंगे। उन्हें अपना पद गंवाना ही पड़ेगा।
अखाड़े की प्रमुख साध्वी त्रिकाल भवंता को समाधि लेने की कोशिश पर 27 अप्रैल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है। त्रिकाल भवंता शाही स्नान में ज्यादा वक्त और सुविधाओं की मांग कर रही हैं। इसे लेकर उन्होंने पहले अनशन किया लेकिन तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। इस बीच 26 अप्रैल को उन्होंने 10 फीट गड्ढे में उतर कर समाधि लेने की कोशिश भी की।
पुलिस प्रशासन के मान-मनौव्वल पर भवंता ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया और 27 अप्रैल को जीवित समाधि लेने की चेतावनी दी थी। इस बीच प्रभारी मंत्री साफ कह चुके हैं कि शाही स्नान में वक्त का मामला अखाड़ा परिषद तय करता है लिहाजा सरकार भवंता की कुछ मदद नहीं कर सकती।

लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें