खुद को साधू-संत बताने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता की खून-पसीने की कमाई को अपने शपथ ग्रहण समारोह में पानी की तरह बहाया. इस शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए 1.83 करोड़ रूपये का भारी भरकम खर्च किया गया.

हालांकि इस शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन की पूरी जिम्मेदारी लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी की थी. करीब एक करोड़ 83 लाख रुपये मंच बनाने से लेकर, ऑडियो सिस्टम, सुरक्षा, खान-पान आदि की व्यवस्था में खर्च किये गए. इतनी बड़ी राशि के खुलासे के बाद योगी सरकार को जांच के आदेश देना पड़ा.

दरअसल, लखनऊ विकास प्राधिकरण की और से भुगतान के लिए सचिवालय को बिल भेजा गया था. इस पुरे मामले में एक पूर्व अधिकारी शक के घेरे में बताया जा रहा है. ध्यान रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के शपथ ग्रहण समारोह में केवल 90 लाख खर्च हुए थे.

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत कई बड़े नेताओं ने शिरकत की थी.


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