मुगलसराय के बाद अब योगी सरकार ऐतिहासिक कुंभ नगरी इलाहाबाद का नाम बदलने जा रही है. हिंदू धर्म में साधुओं और संतों के सबसे बड़े संगठन अखाड़ा परिषद की मांग पर अब इलाहाबाद का नाम प्रयागराज रखा जाएगा.

लखनऊ में मंगलवार को अखाड़ा परिषद के सदस्यों के साथ चली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की करीब एक घंटे तक चली बैठक में ये फैसला लिया गया. इसका अब सिर्फ औपचारिक ऐलान होना बाकी है.

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बैठक के दौरान अखाड़ा परिषद ने मुख्यमंत्री को 14 फर्जी बाबाओं की सूची भी सौंपी और उनके अर्ध कुंभ में शामिल होने पर रोक लगाने की मांग की. महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि कुंभ में फर्जी साधुओं की साधु के तौर पर एंट्री नहीं होगी.

उन्होंने कहा, वो आम लोगों की तरह कुंभ में आ सकते हैं. अगर जाना भी है तो गृहस्थ के रूप में जाएं. महंत ने कहा कि जिन लोगों का नाम फर्जी बाबाओं की सूची में है वो लोग बौखलाए हैं. मैं और अखाड़ा परिषद के सभी महंत किसी भी जांच के लिए तैयार हैं.

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उन्होंने कहा कि मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमें इस बात का आश्वासन दिया है कि कुंभ में फर्जी बाबा का पंडाल नहीं लगेगा.  वहीँ डीएम इलाहाबाद संजय कुमार ने बताया कि अखाड़ा परिषद की ओर से इलाहाबाद का नाम बदले जाने का प्रस्ताव दिया गया था. इसे शासन से स्वीकृत कराने के लिए भेजा गया है.


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