उत्तरप्रदेश में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की और से मदरसों को चलाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए है. दिशा-निर्देशों के अनुसार अब मदरसों को परिषदीय विद्यालयों की तरह चलाना होगा.

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की और से कहा गया कि परिषदीय विद्यालयों की समय सारणी के तहत ही मदरसों में अब पढ़ाई होगी. साथ ही शिक्षकों की फोटो और मोबाइल नम्बर दिवालों पर चस्पा होगे. इसके साथ अध्यापकों की बायोमैट्रिक उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से दर्ज होगी. इसके साथ ही अब बायोमैट्रिक उपस्थिति के विवरण से ही वेतन का भुगतान किए जाने का प्रावधान भी किया है.

और पढ़े -   डीएम रिपोर्ट में खुलासा - ऑक्सीजन आपूर्ति में भ्रष्टाचार बना बच्चों की मौत का सबब

योगी सरकार का ये फैसला बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है. इस फैसलों को अल्पसंख्यक विभाग द्वारा मदरसों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए गया है.

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने सभी मदरसों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक को पत्र भेजकर इसका पालन करने के निर्देश भी दे दिए है. नए निर्देशों का पालन नहीं करने वाले मदरसों पर कार्यवाई का आदेश भी दिया गया है.

और पढ़े -   कांग्रेस नेता को मौत की धमकी - भारत में रहते ही जिंदा रहना तो मोदी-मोदी कहना होगा

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE