हैदराबाद के मोगलपुरा इलाके में स्थित जमायतुल मोमिनाथ देश का इकलौते मदरसा हैं जहाँ पर महिलाओं को मुफ़्ती का कोर्स कराया जा रहा हैं. या हम ये ख सकते हैं कि इस मदरसे में मुस्लिम महिलाएं भी ममुफ़्ती बनकर निकल रही हैं. और वे भी किसी भी विषय पर फतवा दे सकती हैं.

जमायतुल मोमिनाथ मदरसे की नींव रखने वाले हाफिज मस्तान अली के अनुसार, उन्होने इस मदरसें में महिलाओं के लिए 12 साल पहले एक साल का यह पाठ्यक्रम शुरू किया था. 1991 में शुरू हुए इस मदरसें में मुफ्तिया पाठ्यक्रम के लिए केवल 5 छात्राएं थी. लेकिन आज इनकी संख्या करीब 400 हैं. वहीँ 2,500 मुस्लिम छात्राएं दूसरी पढ़ाई कर रही हैं. उन्होंने बताया कि इतने सालों में मदरसे ने 318 महिला मुफ्तियों को तैयार किया है. इस साल 15 छात्राएं मुफ्तियां बनने का प्रशिक्षण ले रही हैं

मुफ़्ती कोर्स शुरू करने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘कई सवाल ऐसे होते हैं, जिन्हें पुरुष मुफ्ती से पूछने में महिलाएं संकोच करती हैं. हमें लगा कि महिलाओं को महिला मुफ्तियों के साथ बात करने में ज्यादा सहजता महसूस होगी.

फतवा विभाग की प्रमुख नाजिमा अजीज के मुताबिक, यह पाठ्यक्रम 5 हिस्सों में बंटा हुआ है- प्रार्थना, महिलाओं के निजी मुद्दे, सीमाएं (महिलाएं क्या कर सकती हैं और क्या नहीं), संपत्ति विवाद और वर्तमान मुद्दे हैं. इसके अलावा यहाँ पर क फतवा विभाग पुरुषों के लिए भी है, जहां पुरुषों को मुफ्ती बनने का प्रशिक्षण दिया जाता है.


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