ओडिशा राज्‍य के केओनझार जिले में चंपुआ गांव में एक विधवा महिला को पति के अंतिम संस्‍कार के लिए दो बच्‍चों को गिरवी रखकर पैसे जुटाने पड़े।

ओडिशा राज्‍य के केओनझार जिले में चंपुआ गांव में एक विधवा महिला को पति के अंतिम संस्‍कार के लिए दो बच्‍चों को गिरवी रखकर पैसे जुटाने पड़े। घटना 26 जनवरी की है। बुधवार को ब्‍लॉक डवलपमेंट अधिकारी एस नायक जब चंपुआ गांव गए तो मामले का खुलासा हुआ। उन्‍हें बच्‍चों को गिरवी रखने की जानकारी मिली थी। सावित्री नायक के पति रायबा की मौत पिछले दिनों हो गर्इ थी। परिवार में वह इकलौता कमाने वाला था। अंतिम संस्‍कार के लिए पैसे न होने पर उसने अपने पांच में से दो बड़े बेटों बेटे मुकेश(13) और सुकेश(11) को पड़ोसी के गिरवी रख दिया। इसके बदले में उसने 5000 रुपये लिए।

सावित्री ने बताया कि उसके पास बच्‍चों को खिलाने के लिए लिए पैसे नहीं थे। इसके चलते दो बेटों को गिरवी रखना पड़ा। गिरवी रखे गए दोनों बच्‍चे पड़ोसी के जानवरों की देखभाल करते हैं। उसके पति रायबा की मौत 26 जनवरी को हो गई थी। रायबा लंबे समय से बीमार था। इसके चलते परिवार की सारी बचत भी समाप्‍त हो गई। बताया जाता है कि पति के अंतिम संस्‍कार के लिए सावित्री ने कई लोगों से मदद मांगी लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया।

वहीं बीडीओ ने बताया कि चंपुआ को परिषद बन गई है इसके चलते सावित्री को आर्थिक मदद नहीं मिल सकी। उसे विधवा पेंशन और अन्‍य आर्थिक मदद दिलाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्‍होंने बच्‍चों को गिरवी रखे जाने से इनकार किया। लेकिन बताया कि बच्‍चे उधार लिए पैसे को चुकाने के लिए गांव वालों के जानवरों की देखभाल कर रहे हैं। (Jansatta)


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