गांधीनगर:  हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे जाट आंदोलन ने देश के कई हिस्सों के लोगों में अपनी मांगों का समर्थन करने को लेकर नया जोश भर दिया है। गुजरात में अपने लिए आरक्षण की मांग कर रहे पाटीदार समुदाय के युवाओं का भी यही हाल है। पाटीदार अमानत आंदोलन समिति के नेता वरुण पटेल ने रविवार को इस संबंध में संकेत देते हुए कहा, ‘हमारे सब्र की सीमा पार हो रही है। ऐसा लगता है कि सरकार चाहती है कि हम भी जाटों का तरीका अपना लें। राज्य सरकार के साथ संवाद कायम करने के लिए किसी हिंसक आंदोलन की जरूरत क्यों होती है?’ हालांकि वरुण ने यह भी कहा कि जाट भले ही हिंसा का रास्ता अपना लें, लेकिन पाटीदार गुजरात में ऐसा नहीं करना चाहते हैं।
हरिणाया: जाट आंदोलन के हिंसक होने पर सेना बुलाई गईवरुण पटेल को पाटीदारों के एक अन्य संगठन सरदार पटेल ग्रुप के नेता लालजी पटेल का करीबी समझा जाता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में पीएएएस और एसपीजी को पाटीदार समाज के युवाओं को शांत रखने के लिए समझाने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का बर्ताव देखकर युवाओं से शांति बरतने की अपील करना मुश्किल हो रहा है। वरुण पटेल ने कहा, ‘पाटीदार युवाओं को लगता है कि सरकार को ना हमारे मांगों की फिक्र है और ना ही हमारे नेताओं को जेल से रिहा करने की मांग को ही वह गंभीरता से ले रही है। कई पाटीदारों ने 15-17 दिन उपवास किया, लेकिन ना तो सरकार और ना ही उनके प्रतिनिधियों ने हमसे संपर्क कर बातचीत करने की कोशिश की। हमारे समुदाय के युवकों को लगता है कि अनिश्चितकालीन समय तक भूख हड़ताल करने का कोई असर सरकार पर नहीं पड़ेगा।’
यह पूछे जाने पर कि क्या पाटीदार समाज भी हरियाणा के जाट समुदाय की तरह संघर्ष का रास्ता अपनाना चाहता है, वरुण ने कहा, ‘पाटीदार उससे कहीं ज्यादा करने में समर्थ हैं।’ उन्होंने बताया कि पाटीदार समाज के लगभग 100 लोग रविवार को अनिश्तिकालीन भूख हड़ताल में शामिल हुए। इनके अलावा पहले से ही लगभग 400 पाटीदार गुजरात भर में भूख हड़ताल कर रहे हैं। इसके लिए जाने-माने पाटीदार नेता जेराम वंसजालिया के नेतृत्व में बनी समिति को जेल में बंद पाटीदार नेताओं की रिहाई के बाद भंग कर दिया जाएगा।

वरुण ने बताया, ‘यह समिति केवल जेल में बंद पाटीदार नेताओं की रिहाई के लिए राज्य सरकार के साथ बातचीत के मकसद से बनाई गई है। एक बार हार्दिक पटेल सहित हमारे सभी नेता रिहा हो जाएं, तो हम यह समिति भंग कर देंगे। उसके बाद हमारा ध्यान आरक्षण की हमारी मांग को लेकर केंद्रित होगा।’

उधर, सरकार के साथ बातचीत कर पाटीदार नेताओं को रिहा कराने की कोशिश में जुटे पटेल नेता जेराम वंसजालिया का एक ऑडियो क्लिप रविवार को वायरल हो गया। इसमें वंसजालिया को साफ तौर पर यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि हार्दिक के तीन करीबी सहयोगी- चिराग पटेल, केतन पटेल और दिनेश पटेल बहुत जल्द ही रिहा हो जाएंगे। मालूम हो कि वंसजालिया सिदसर स्थिति उमियाधाम के ट्रस्टियों में से एक हैं। यह धाम काड़वा पटेलों के सबसे अधिक पवित्र माने जाने वाले धार्मिक स्थानों में से एक है।

इस क्लिप में वंसजालिया कह रहे हैं, ‘सरकार ने हार्दिक को डेढ़ महीने का समय दिया है। उसने आश्वासन दिया है कि ना तो वह और ना ही पटेल नेता ही इस दौरान कुछ करेंगे। यह लड़ाई पूरे राज्य की है, ना कि किसी एक परिवार की। इसीलिए इसमें समय तो स्वाभाविक तौर पर लगेगा ही। हरियाणा के जाट आंदोलन से हमे फायदा होगा। अगर हरियाणा जाट आरक्षण के लिए तैयार हो जाता है, तो हम अपनी मांग को लेकर ज्यादा आक्रामक हो जाएंगे। हम इंतजार कर रहे हैं और इसका परिणाम सकारात्मक होगा।’

इसमें ऑडियो में वह यह भी कह रहे हैं कि हार्दिक के खाने के साथ कथित छेड़छाड़ की बात से भी उन्हें फायदा पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार के ऊपर इस बात से काफी दबाव बन गया। वह कहते हैं, ‘मैं उसे रिहा कराने के लिए पूरी मेहनत कर रहा हूं।’ इस ऑडियो में अपनी आवाज की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि वह फोन कर किसी से सरकार के साथ समझौते को लेकर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर जेल में बंद पाटीदार नेता रिहा हो जाते हैं, तो पाटीदार समुदाय का भरोसा सरकार पर फिर से बन जाएगा। (नवभारत टाइम्स)


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