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इस्लाम में निकाह के दौरान मेहर एक ज़रूरी अरकान है. मेहर का निर्धारण दुल्हन की सहमति के बिना नही हो सकता. लड़की को इस्लाम ने छुट दी है वो अपने लियें मेंहर अपने हिसाब से मांग सकती है. मेहर के निर्धारण में आमतौर पर लडकिया सोना, चांदी या नगद पैसे का निर्धारित करती हैं.

लेकिन केरल के मलप्पुरम की रहने वाली शहला नेचियिल ने मुस्लिम लडकियों के लिए एक बेहतरीन मिसाल पेश की हैं. उन्होंने अपनी शादी बड़ी सादगी कसे की. साथ ही उन्होंने अपने शादी के लियें अपने होने वाले शौहर से 50 किताबो की मांग की है.

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शहला ने अपने होने वाले शौहर अनीस को 50 किताबों की लिस्ट दी है जिस पर उनके मंगेतर ने फैसला किया है वो सारे किताबें तलाश करके शहला को मेंहर में देंगे. शहला ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी से पालिटिकल साइंस में MA किया है.

शहला ने अनीस को जो लिस्ट दी है उस पर कहां है कि उनके शौहर को किताब को तलाश करने में थोड़ी परेशानी होगी क्युकी ये किताबे आसानी से नही मिलती है मेरे होने वाले शौहर की यही परेशानी मेरे लियें मेंहर है

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