सीकर: कर्ज माफी सहित 11 मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा का आन्दोलन 13वें दिन भी जारी रहा. इस दौरान सभी रास्तें जाम कर दिए गए. जिसके चलते आम जनता परेशान रही.

चक्का जाम के कारण पूरा सीकर जिला जाम हो गया. बड़े नेताओं के जयपुर में वार्ता के लिए जाने के बाद भी महापड़ाव पर किसान बैठे रहे. हजारों की संख्या में किसान कृषि मंडी में सीकर-जयपुर मार्ग पर डेरा डाले हुए हैं. किसान पूरे जिले में करीबन 150 से अधिक स्थानों पर जाम लगाए बैठे हैं, जिसमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल है.

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दी बार एसोसिएशन ने महापड़ाव के समर्थन में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया. इसके अलावा अधिकांश संगठन किसानों के आंदोलन के समर्थन में है.

इस आन्दोलन के चलते रोजाना  करीब 40 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो रहा है. दूध-सब्जी की किल्लत से इनके भाव दोगुने हो गए हैं. सीकर शहर में दूध 80 रुपए किलो बिक रहा है तो सब्जी के भाव दोगुने हो गए हैं.  पेट्रोल पंप पर स्टॉक खत्म होने की ओर है.

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सीकर में चक्का जाम के कारण चूरू, झुंझुनूं, बीकानेर, श्रीगंगानगर, नागौर जाने वाले रास्तों पर आवागमन बाधित है. तमाम इलाकों में किसान महिलाओं के साथ चक्का जाम किए हुए हैं.


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