अजमेर। ख्वाजा साहब के उर्स की औपचारिक शुरुआत के साथ जायरीन की रौनक बढ़ रही है। जन्नती दरवाजा 8 अप्रेल को खुलेगा। चांद दिखने के साथ उर्स से जुड़े रसूमात शुरु हेांगे। ख्वाजा साहब की दरगाह में उर्स के झंडे की रस्म के दौरान चप्पे-चप्पे पर आशिकाने ख्वाजा नजर आए।

गरीब नवाज गेस्ट हाउस की बॉलकोनी हो या फिर लंगरखाना, फूलगली, नला बाजार, दरगाह बाजार में घरों की छत। दरगाह परिसर में छोटी-बड़ी देग, महफिलखाना, लंगरखाना, अकबरी मस्जिद, नुजूल ऑफिस, वजूखाना आदि स्थान भी जायरीन से अट गए। कोई छत या बरामदे से जुलूस का नजारा देख रहा था तो कोई मोबाइल कैमरे में यह दृश्य कैद कर रहा था। रस्म के दौरान कई लोगों ने नोट और चिल्लर भी उछाले।

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8 को खुलेगा जन्नती दरवाजा

दरगाह में रोजाना होने वाली खिदमत का समय भी बदल गया है। खिदमत अब दोपहर तीन बजे के स्थान पर रात में 8 बजे होगी। इससे आस्ताना शरीफ दिनभर जायरीन के लिए खुला रहेगा। रजब माह की पांच तारीख तक खिदमत रात में ही होगी। खादिम जुल्फिकार चिश्ती ने बताया कि दरगाह में 8 अप्रेल को जन्नती दरवाजा जियारत के लिए खोल दिया जाएगा।

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यह दरवाजा उर्स में 6 दिन तक खुला रहता है। रजब का चांद देखने के लिए 8 अप्रेल को दरगाह कमेटी कार्यालय में हिलाल कमेटी की बैठक होगी। इस दौरान चांद नजर नहीं आया तो जन्नती दरवाजा रात को बंद कर दिया जाएगा और दूसरे दिन तड़के फिर से खोला जाएगा। इसके बाद छह दिन तक यह दरवाजा खुला रहता है। खादिम कुतुबुद्दीन सकी ने बताया कि गुरुवार को गरीब नवाज के मजार शरीफ पर साल भर चढ़ाए जाने वाला संदल उतारे जाने की रस्म अदा की जाएगी। यह संदल जायरीन में बांटा जाता है। (Rajasthan Patrika)

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