पटना : उर्दू व बांग्ला शिक्षकों की बहाली के लिए एक से 10 फरवरी तक जिला व  प्रखंडों में कैंप लगेगा. कैंप के जरिये ही अब उन्हें नियुक्ति पत्र दी जायेगी.  शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कैंप लगाने के विभाग के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है.
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 नौ और 28 दिसंबर को दो बार नियुक्ति पत्र बांटने के प्रक्रिया में अब तक करीब छह हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं, लेकिन करीब एक हजार लोगों ने ही योगदान किया है. बाकी पद अभी भी खाली  हैं. पंचायत स्तर के उर्दू शिक्षकों के लिए प्रखंड स्तर पर कैंप लगेगा, जबकि प्रखंड, नगर परिषद, नगर पंचायत व जिला परिषद् स्तर के शिक्षकों के लिए जिला में कैंप लगेगा. राज्य में कुल 27 हजार उर्दू शिक्षकों की बहाली होनी थी, जबकि उर्दू के टीइटी पास 15,310 अभ्यर्थी हैं.
उर्दू शिक्षकों की बहाली के लिए सबसे पहले नौ सितंबर को ही काउसेंलिंग कर नियोजन इकाई द्वारा नियुक्ति पत्र दिया जाना था, लेकिन आचारसंहिता लग जाने के कारण यह संभव नहीं हो सका. सरकार बनने के बाद विभाग ने जिन नियोजन इकाइयों ने मेधा सूची सार्वजनिक कर दी थी उन्हें नियुक्ति पत्र बांटने के लिए नौ दिसंबर और जहां तैयार नहीं था उन्हें 28 दिसंबर को नियुक्ति पत्र बांटने का समय दिया गया. नौ दिसंबर 2015 को 172 अभ्यर्थियों को ही नियोजन पत्र दिया जा सका था. वहीं, 28 दिसंबर को करीब 5500 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र निर्गत किया गया. इन अभ्यर्थियों को 27 जनवरी तक योगदान करना है.
ऑल बिहार विशेष उर्दू-बांग्ला टीइटी सफल अभ्यर्थी संघ के अध्यक्ष अब्दुल बाकी अंसारी ने कैंप का शिड्यूल जारी करने के लिए सरकार को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि नियोजन पत्र मिलने के बाद भी उर्दू अभ्यर्थी योगदान नहीं कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि कैंप के जरिये उन्हें मनचाही जगह मिल जाये, जिसमें वे योगदान कर सकें. साभार: प्रभातखबर

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