यूपी पुलिस का खौफनाक चेहरा फिर सामने आया है। बहराइच के ग्राम घोसियाना निवासी दो युवकों को चोरी के शक में हिरासत में लेने वाली दरगाह पुलिस ने उनसे गुनाह कुबूलवाने के लिए थर्ड डिग्री का प्रयोग किया।बेगुनाहों को हीटर पर लघुशंका करने को मजबूर कर उन्हें करंट लगाया। इतना ही नहीं, गुप्तांग में पेट्रोल डाला और पेशाब पिला दिया।एक युवक की हालत बिगड़ने पर पुलिस ने दोनों को बुधवार को छोड़ दिया। घर वालों ने गंभीर हालत में युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।दरगाह थाना क्षेत्र में बढ़ी चोरी की वारदातों के मामले में पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। दरगाह थानाध्यक्ष अजीत वर्मा ने चार दिन पहले पूर्व थाना क्षेत्र के ग्राम घोसियाना निवासी सोनू (25) पुत्र अहमद अली और कल्लू (24) पुत्र दिलीप को 25 फरवरी की रात घर से उठाया था।

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दोनों को लॉकअप में बंदकर क्षेत्र में हुई वारदातों को अंजाम देने की बात कुबूलवाने और एक व्यक्ति का जबरन नाम लेने के लिए युवकों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया।

 युवकों को रात में लाठियों से जमकर पीटा जाता। दोनों को जमीन में लिटाकर उनके पैर पर लाठी रखकर उस पर सिपाही खड़े हो जाते थे। हद तो तब हो गई जब मंगलवार रात एक युवक को करंट लगाने के लिए हीटर पर पेशाब करने को मजबूर किया गया।इसके पहले नाक में पानी डालकर प्यास लगने पर दोनों को पेशाब पिलाया गया। गुप्तांग में पेट्रोल भी डाला गया। पुलिस की इस हरकत के बाद सोनू की हालत बिगड़ गई तब पुलिसकर्मी सकते में आए। आननफानन बुधवार सुबह दोनों युवकों को थाने से छोड़ दिया गया।सूचना पाकर पहुंचे परिवारीजनों ने सोनू को जिला अस्पताल पहुंचाया। स्थिति यह है कि सोनू चल नहीं पा रहा है। सोनू की मां विस्मिलाह पत्नी अहमद अली व परिवार के सदस्यों ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा के सामने बुधवार दोपहर में हाजिर होकर दरगाह पुलिस की करतूत बताई।एसपी ने थानाध्यक्ष अजीत वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक नगर दिनेश त्रिपाठी को सौंपी गई है। एसपी ने कहा कि जांच के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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 जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती सोनू का कहना है कि चोरी का गुनाह कुबूलवाने के लिए हर तरह से पुलिस ने प्रताड़ित किया। रात 11 बजे के बाद उसे परिसर में निकालकर पीटा जाता था। सोनू का कहना है कि वह अपने निर्दोष होने की बात कहकर चीखता रहता था लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने।पूरी रात प्रताड़ना का दौर चलता था। वहीं, कल्लू ने बताया कि मैं मेहनत मजदूरी कर घर का खर्च चलाता हूं। चोरी नहीं की।लॉकअप में मैं रोज अपने बेगुनाह होने की बात कहकर चीखता रहा लेकिन बड़े साहब और सिपाहियों ने नहीं सुनी। लाठियों से पीटा। हर वह प्रताड़ना दी जिसे मैं अपने मुंह से कह नहीं सकता। सोच कर कांप उठता हूं। हिरासत में रखने का यह है नियम सोनू के अधिवक्ता अब्दुल अजीज खां का कहना है कि धारा 57 सीआरपीसी के तहत पुलिस किसी भी व्यक्ति को 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकती। यह मौलिक अधिकारों का हनन है। (अमर उजाला)

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