उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वित्तवर्ष में अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए जो रकम जारी की थी अब तक उसका महज एक चौथाई हिस्सा ही खर्च हो पाया है

अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं को ढंग से लागू नहीं कर पाने वाली सरकार उनकी रहनुमा कैसे है?

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी स्वघोषितरूप से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सबसे बड़ी हिमायती पार्टी है. पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पार्टी में मुस्लिम समुदाय का चेहरा व कैबिनेट मंत्री आजम खान गाहे-बगाहे अपने बयानों से यह जाहिर भी करते हैं. लेकिन हम यदि आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं इन दावों की पोल खुलती दिखती है. उत्तर प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए पिछले वित्त वर्ष में जो धनराशि जारी की थी उसमें से बमुश्किल चौथाई फीसदी हिस्से का उपयोग हो पाया है और इसके चलते कई योजनाएं आधी-अधूरी पड़ी हैं. यह तथ्य इस मायने में और महत्वपूर्ण हो जाता है कि अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़ी इन योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री आजम खान के पास है.

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार वित्तवर्ष 2015-16 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के तहत 1024 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. लेकिन अब तक राज्य सरकार इन योजनाओं के लिए 25 प्रतिशत रकम ही खर्च कर पाई है. इन योजनाओं तहत अल्पसंख्यकों के लिए विशेष कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र, बालिका विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र खुलने थे और कहीं-कहीं आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का काम भी होना था. उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल इन कामों के लिए 322 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए हैं.

अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं को लागू करने के मोर्चे पर लचर रवैए से समाजवादी पार्टी में भी हड़बड़ी है और इसलिए पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव सार्वजनिकरूप से अखिलेश सरकार को फटकार लगा चुके हैं

पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर एक महत्वाकांक्षी योजना भी शुरू की गई थी. इसके तहत राज्य सरकार की तकरीबन 80 कल्याणकारी योजनाओं में अल्पसंख्यकों के लिए 20 फीसदी कोटा निर्धारित किया गया था. बताया जाता है कि जमीनी स्तर पर यह योजना भी ढंग से शुरू नहीं हो पाई है. अधिकारियों के मुताबिक इन योजनाओं की प्रगति पर चर्चा के लिए समय पर विभागों की बैठकें भी हुईं हैं लेकिन सरकार को संतोषजनक परिणाम नहीं मिल रहे हैं.

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उत्तर प्रदेश में एक साल बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं को लागू करने के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश सरकार के लचर रवैए से समाजवादी पार्टी में भी हड़बड़ी है और इसलिए पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव सार्वजनिकरूप से अखिलेश सरकार को फटकार लगा चुके हैं. मुलायम सिंह ने बीते 22 मार्च को आजमगढ़ में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि राज्य सरकार को अल्पसंख्यकों से जुडी समस्याओं का जल्द समाधान ढूढ़ना चाहिए. उन्होंने अल्पसंख्यकों से जुड़ी कई योजनाओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए इनपर मुख्यमंत्री से संज्ञान लेने को कहा था. (सत्याग्रह)

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