मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान पोलिस गोलीबारी में 5 से ज्यादा किसानों की मौत के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद को न केवल किसानों का सच्चा हमदर्द बताने  की कोशिश की बल्कि खुद को किसान पुत्र भी करार दिया. बावजूद इसके आंदोलन के 48 घंटे के भीतर 2 किसानों ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी.

ख़ासा बात ये है कि ये दोनों किसान बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृहनगर से ही है.  6 लाख से ज्यादा के कर्ज में डूबे 52 साल के दुलीचंद ने सोमवार को जहर खाकर खुदकुशी कर ली. तो वहीँ तीन दिन पहले भी रायसेन में किशन सिंह मीणा ने खुदकुशी की थी.

परिजनों के मुताबिक, दुलीचंद पर 6 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज था. किसान ने बैंक से करीब चार लाख रुपए और स्थानीय स्तर पर भी दो लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज लिया था. सूचना मिलने पर रेहटी पुलिस मौके पर पहुंची. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को शव सौंप दिया.

वहीँ  किशन सिंह मीणा भी कर्ज के बोझ से परेशान था, इसलिए उसने सल्फास खाकर जान दे दी. परिजनों के मुताबिक, किशन सिंह पर 15 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज था.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE