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केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक का विरोध करने के बाद केंद्र सरकार के विरोध में आवाज उठाने वालें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को अब उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग ने भी तीन तलाक के मुद्दें पर अपना समर्थन दिया हैं.

इसके साथ ही राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी  केंद्र से तीन तलाक के मुद्दे पर अपना स्टैंड वापस लेने की सिफारिश की हैं. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने इस मामलें में केंद्र को पत्र भी लिखा हैं. उत्तरप्रदेश अल्पसंख्यक आयोग ने इस बारें में कहा कि मजहबी मामलों में सरकारों को दखल देने का हक नहीं है. केंद्र सरकार के इस रुख से मुस्लिमों में बेचैनी है.  केंद्र सरकार को अपना रुख बदलने पर विचार करना चाहिए.

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आयोग के प्रवक्ता शफी आजमी ने बताया कि इस मामलें में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखकर कहा गया है कि वह केंद्र सरकार से तीन तलाक के मुद्दे पर अपना स्टैंड वापस लेने की सिफारिश करे। इस तरह की दखलंदाजी न सिर्फ मुस्लिमों के संवैधानिक अधिकारियों का हनन होगा बल्कि उनके भीतर अजीब किस्म का भय भी बनेगा.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड चेयरमैन मौलाना राबे हसनी नदवी ने कहा कि इस बारे में केंद्र सरकार को अपना रुख बदलने पर विचार करना चाहिए.

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