नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के एक लाख से ज्यादा कर्मचारियों ने कह दिया है कि अब वेतन न मिलने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। जबकि दिल्ली सरकार और निगम एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। दिल्ली में एमसीडी कर्मियों की हड़ताल के चलते कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। इस बीच शनिवार को एमसीडी के सफाईकर्मियों के साथ ही स्थानीय बीजेपी नेताओं ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रैलियां निकालकर केजरीवाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को ही कह दिया था कि अब वो खुद शहर की सफ़ाई का बंदोबस्त करेगी। इसके बाद दिल्ली सरकार ने सड़कों पर फैली गंदगी को साफ करने के लिए शनिवार को एक टास्क फोर्स गठित भी कर दी। इस बीच केजरीवाल कैबिनेट में मंत्री कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया कि पीडल्यूडी की टीम सड़कों पर सफाई के निकल चुकी है।

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कपिल मिश्रा ने कहा, ‘बीजेपी शासित एमसीडी दिल्ली की सफाई में सक्षम नहीं है और हम दिल्ली को कूड़े का ढेर नहीं बनने देंगे। कूड़े के ढेर लगाकर बीजेपी दिल्ली के लोगों को सजा देने की कोशिश कर रही है।’

शुक्रवार को मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली के लोगों को इस तरह से बीच भंवर में नहीं छोड़ेगी और जो उनकी समस्या है उसका हल निकला जाएगा। वेतन न मिलने की वजह से दिल्ली के तीनों एमसीडी के सफ़ाईकर्मी तीन दिन से हड़ताल पर हैं। तीनों एमसीडी पर बीजेपी का कब्ज़ा है और इस हड़ताल के लिए बीजेपी व आम आदमी पार्टी एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहराने में लगे हैं।

दिल्ली में जारी एमसीडी कर्मियों की हड़ताल में शनिवार से एमसीडी के तहत आने वाले डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के लोग भी जुड़ रहे हैं। इसके अलावा कई निजी अस्पतालों से जुड़े कर्मियों ने भी हड़ताल को अपना समर्थन देने की बात कही है।

सफ़ाईकर्मियों के बाद अब डॉक्टरों के भी इस हड़ताल से जुड़ने से दिल्ली में आम लोगों की परेशानी बढ़ना लाज़िमी है। एमसीडी डॉक्टरों की एसोशिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर आर.आर. गौतम ने कहा कि सफ़ाईकर्मियों की हड़ताल से जुड़ने का मकसद उनके रुके हुए वेतन को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाना है। (NDTV)


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