देश में भारत माता के नारे को लेकर विवाद तेज हो गया है। पहले हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से इस पर बयान आया और अब हैदराबाद के एक शीर्ष मदरसे ने नारे के खिलाफ फतवा जारी किया है। यहां के एक बड़े मदरसे जामिया नाजियामा ने शुक्रवार को फतवा जारी किया है कि कोई भी मुसलमान भारत माता की जय नहीं बोलेगा इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता। ये फतवा सईद गुलाम अली कादरी के उस बयान के बाद जारी किया गया है जिसमें उन्होंने भारत माता की जय के नारे का समर्थन किया था।

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इसके बाद जामिया नाजियामा मदरसे के प्रमुख मुफ्ती अजीमुद्दीन ने सभी मदरसों के प्राचार्यों को पत्र लिखकर कहा कि उनके धर्म के अनुसार केवल इंसान ही इंसान को जन्म दे सकता है ऐसे में देश की धरती को मां कहना ठीक नहीं। एक इंसान की मां केवल एक औरत हो सकती है। इंसान किसी जानवर और धरती से पैदा नहीं होते।

फतवे में उन्होंने प्रकृति के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि इस्लाम कुदरत के नियमों का समर्थन करता है। ऐसे में देश किसी की मां कैसे हो सकता है। फतवे में कहा गया है कि जिसको भारत  को माता मानना  है माने लेकिन किसी दूसरे को वो इसके लिए बाध्य नहीं कर सकता। (Live India)


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