पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने कहा कि उन जैसे लोगों को विधानसभा चुनाव लड़ाना कहां तक तर्कसंगत है। साथ ही एक विधायक ने दखल देते हुए कहा कि अगर पार्टी जीत भी जाती है तो उन्हें सीएम बनने का सपना नहीं देखना चाहिए।

उत्तरप्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने बुधवार को प्रशांत किशोर से मुलाकात की। किशोर को राज्य में पार्टी की चुनाव रणनीति संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में कांग्रेस के करीब 30 नेता शामिल हुए। बैठक में पहले से ही उम्मीदवारों की घोषणा और शीर्ष नेताओं और पूर्व मंत्रियों को चुनाव लड़ाने के जैसे सुझाव रखे गए। साथ ही इसमें पार्टी का एक चुनावी चेहरा घोषित करने और चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले समुदायों पर विशेष फोकस का सुझाव भी सामने आया।

पार्टी में चर्चा है कि लोकसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को ही विधानसभा चुनाव में उतारा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि उन जैसे लोगों को विधानसभा चुनाव में उतारने कहां तक तर्कसंगत है। एक विधायक ने इसमें दखल करते हुए कहा कि अगर पार्टी जीत भी जाती है तो उन्हें सीएम बनने का सपना नहीं देखना चाहिए। अन्य नेता ने सुझाव दिया कि अगर वे चुनाव नहीं लड़ते तो उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके लोकसभा क्षेत्र से दो कांग्रेस उम्मीदवार विधानसभा चुनाव जीतें।

किशोर ने बैठक में कुछ बोला नहीं, वे केवल सुझावों को नोट करते रहे। बैठक में उठाए गए सुझावों और मुद्दों पार्टी के लिए बनाई जाने वाली चुनावी रणनीति में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पहली बार है कि किशोर यूपी कांग्रेस नेताओं की बैठक में शामिल हुए हैं। इसके साथ ही पार्टी ने उन्हें पंजाब में चुनावी तैयारी को देखने की भी जिम्मेदारी दी है।

खत्म होते वक्त बैठक में शामिल हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नेताओं से कहा कि वे पार्टी की जीत के लिए आश्वस्त रहें। उन्होंने कहा कि अगर दो या तीन नेता नेता भी अपना आत्मविश्वास खो देंगे तो इसका असर पूरी टीम पर पड़ेगा। दलितों पर अत्याचार, उच्च जाति के मतदाताओं को लुभाने और अल्पसंख्यक समुदायों पर फोकस करने जैसे सुझाव भी अन्य नेताओं द्वारा पार्टी में रखे गए। (Jansatta)


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें