siddaramaiah

कन्नड़ भाषा को लेकर चल रही राजनीति के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि कर्नाटक में रहना है तो कन्नड़ सीखनी ही होगी.

उन्होंने कहा,  ‘यहां (कर्नाटक) रहने वाले सभी लोग कन्नड़ी हैं. जो भी लोग कर्नाटक में रहते हैं उन्हें कन्नड़ सीखनी चाहिए और अपने बच्चों को भी सिखानी चाहिए.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं किसी भी भाषा के खिलाफ नहीं हूं. लेकिन अगर आप कन्नड़ नहीं सीखते हैं तो इसका मतलब होगा कि आप इस भाषा का अनादर कर रहे हैं.’

कर्नाटक के 62वें राज्योत्सव को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, कन्नड़ी अपनी भाषा से बहुत ज्यादा स्नेह करते हैं. कन्नड़ भाषा के संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कन्नड़ को सीखने लिए उचित माहौल बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों से कन्नड़ भाषा पढ़ानी चाहिए.

ध्यान रहे 1956 में एक नवंबर को भाषायी आधार पर कर्नाटक का गठन हुआ था. कर्नाटक में कन्नड़ भाषा का सवाल शुरू से संवेदनशील मुद्दा रहा है. कई बार राज्य में हिंदी भाषा का तीखा विरोध देखने को मिला है.

पिछले दिनों बेंगलुरू मेट्रो कर्नाटक रक्षणा वेदिके (केआरवी) नाम के एक समूह ने स्टेशनों के साइनबोर्ड में हिंदी के शब्दों पर कालिख पोत दी थी.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE