झारखंड की रघुवर सरकार टेट पास अभ्यर्थियों को ठगने के लिए सारी भूमिका बना ली है. वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे टेट पास अभ्यर्थी एक बार फिर आंदोलन के मूड में हैं. इधर,शिक्षा मंत्री का कहना है कि सभी की नौकरी कहीं नहीं होती है.

टीचरों ने दी धमकी, नौकरी नहीं मिली तो होगा जाट आंदोलन जैसा हाल

दी जाट आंदोलन जैसे विरोध की धमकी

टेट पास अभ्यर्थी संघ के नेता उग्र आंदोलन के मूड में हैं. छात्र नेता मनोज कुमार कहते हैं कि सरकार अगर इस तरह वादा खिलाफ करेगी तो हरियाणा के अंदाज में ही आंदोलन करेंगे.

क्या है मामला

झारखंड सरकार ने शिक्षक नियुक्ति के लिए टेट की परीक्षा का आयोजन किया था. इसमें लगभग 65 हजार लोग सफल हुए. इनमें पारा शिक्षक भी शामिल हुए. और सामान्य अभ्यर्थी भी थे. अभी सिर्फ कुछ हजार की नियुक्ति हो पायी है. अधिकांश लोग नौकरी की बाट जोह रहे हैं.

हाल में टेट पास अभ्यर्थियों को सरकार की ओर से सभी लोगों के नियोजन का आश्वासन दिया गया था. लेकिन अब सरकार वादा खिलाफी कर रही है. सिर्फ पांच हजार शिक्षकों के नियुक्ति भविष्य में करने की मंशा है.

बजट सत्र में गर्माया मुद्दा

झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में यह मामला सत्ता पक्ष के सदस्य ने उठाया. दूसरे दलों के विधायक भी इनके साथ हैं. 2012 में यह रिजल्ट आया था. टेट पास अभ्यर्थियों की उम्र भी खत्म हो रही है. सरकार को इनकी जरा भी चिंता नहीं है. भाजपा विधायक अनंत ओझा भी मानते हैं कि ऐसे में सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप सही लगता है.

उधर, शिक्षा मंत्री नीरा यादव कहती हैं कि कोशिश हो रही है कि नियुक्ति हो जाए. लेकिन शिक्षा मंत्री सभी की नियुक्त से साफ मुकर जाती हैं और कहती हैं कि सौ प्रतिशत रिजल्ट तो कहीं नहीं आता.

बहरहाल, झारखंड सरकार के इस रूख से टेट पास अभ्यर्थी काफी खफा है. राज्य में शिक्षकों के 80 हजार पद रिक्त हैं. फिर भी सरकार बेरूखी के साथ इनके साथ व्यवहार कर रही है. लिहाजा,इनका आंदोलन फिर से शुरू हो सकता है. (pradesh18)


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