अहमदाबाद से शुरू हुआ 350 किलोमीटर लंबा 10 दिवसीय पैदल मार्च की ऊना में समाप्ति पर हजारों दलितों ने मृत गायों को नहीं हटाने का संकल्प लेते हुए कहा है कि अगर एक महीने के भीतर गुजरात सरकार हर परिवार को पांच एकड़ जमीन देने की उनकी मांग पूरा नहीं करती है तो विशाल रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा.

दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने वहां जमा 10 हज़ार से ज़्याद लोगों को शपथ दिलाई- “अब कोई दलित मृत पशु की खाल उतारने का और गटर में उतरकर सफाई करने का काम नहीं करेगा. हम यह काम छोड़ना चाहते हैं. हम कानून के प्रावधान के तहत दलितों के लिए पांच एकड़ जमीन मांगते हैं, अगर जमीन नहीं मिली तो देशभर में रेल रोकी जाएगी.”

मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि दलितों के मुद्दे पर अब तक वो चुप रहे हैं. उन्होंने कहा, “मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब थानगढ़ के तीन दलितों की गोली मारकार हत्या कर दी गई थी. तब तो मोदी जी ने नहीं कहा कि मुझे गोली मारो. अब गुजरात के कारण उन पर दबाव बढ़ा, तब वो दलितों की बात करते हैं.”

दिल्ली से सम्मेलन में शामिल होने आए छात्र नेता कन्हैया कुमार ने कहा,”नरेन्द्र मोदी जिस गुजरात मॉडल की बात करते हैं वो कितना खोखला है ये बात उना कांड के बाद बाहर आ गया है. हमें आजादी के इस पर्व पर मोदीवाद और मनुवाद से आजादी चाहिए.”

इस मौके पर रोहित वेमुला की मां राधिका कुमारी ने कहा, “मैंने अपना बेटा खोया है. मैं नहीं चाहती अब कोई दलित मां अपना बेटा खोए. अब ऐसी स्थिति बनानी होगी कि किसी रोहित को अपनी जान न देनी पड़े.”


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