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जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में रविवार को फिर एक स्कूल को आग लगा दी गई, पिछले दो महीने में 20 स्कूलों में आग लगाई जा चुकी हैं.

हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद भडकी हिंसा को अब तक 110 दिन से ज्यादा हो चुके हैं. हिंसा के शुरू होने के साथ ही घाटी के स्कूलों में तालें लगे हुए हैं. पिछले 112 दिनों से स्कूलों में कोई क्लासवर्क नहीं हो रहा है. जब से घाटी में प्रदर्शन शुरू हुए हैं, तब से 25 शिक्षण संस्थानों की इमारतों को आग लगाकर ध्वस्त कर दिया गया है.

स्कूलों में आग लगाए जाने की घटनाओं से नाराज राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि कुछ लोग घाटी के बच्चों के फ्यूचर के खिलाफ साजिश रच रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, कौन हैं ये लोग जो स्कूलों में आग लगाकर बच्चों की फ्यूचर के साथ घिनौनी साजिश रच रहे हैं. इसे तबाह कर रहे हैं. ये तो बच्चों के सपनों को तबाह करना है.

हुर्रियत कान्फ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारुक ने आग लगाए जाने की घटना पर चिंता जताते हुए उन लोगोें से सावधान रहने की अपील की जो आजादी आंदोलन को बदनाम करने में लगे हैं. हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर समस्या की जड़ को खोजना और उसके हल के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरुरत है. उन्हाेंने कहा,””हमने यह बार-बार कहा है कि कोई भी आदमी एजुकेशन की अहमियत को नकार नहीं सकता.

केईए के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद यासिन खान ने भी घाटी में जारी स्कूल जलाए जाने की घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए दरगाह, मस्जिद और बाजारों में हो रही आग लगने की घटनाओं को किसी गहरी साजिश का हिस्सा करार दिया. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं कश्मीर को एजुकेशनल और फाईनेंशियल लेवल पर तोड़ देंगी.


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