dgp-manoj-bhatt-55b61a6d7e952_l

जयपुर: राज्य में पुलिस व्यवस्था किस हालत में हैं. ये किसी से छुपा नहीं हैं. राज्य की पुलिस हर स्तर पर पुरी तरह नाकाम हो रही हैं. अपराध में वृद्धि होने के बावजूद पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने में नाकाम हैं. राज्य में लगातार गुम हो रहे नाबालिग लड़के-लड़कियों की रिकवरी के मामले में राजस्थान पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर हाई कोर्ट ने डीजीपी समेत आधा दर्जन राज्य के आला पुलिस अधिकारियों को तलब किया था.

सुनवाई के दौरान जज साहब ने डीजीपी से कई सवाल पूछे लेकिन 40 मिनट तक खड़े रहकर जवाब देने के बाद जब जज साहब को डीजीपी के जवाब से संतुष्टि नही मिली तो उन्होने कहा कि राज्य में पुलिस पैसे मांग रही है, ऐसे मामले में कोर्ट चुप नही बैठेगा. पुलिस को काम करके दिखाना होगा. यदि पुलिस कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करती हैं तो डीजीपी को भी जेल जाना पड़ सकता है.

कोर्ट की इस मौखिक टिप्पणी को सुनते ही डीजीपी को चक्कर आने लगे. लड़खड़ाने डीजीपी को सभालने के लिए एडीजी क्राइम पंकज सिंह को आना पड़ा. कोर्ट ने डीजीपी से पूछा कि अब तक आपने गुमशुदा बच्चों की रिकवरी के लिए क्या किया है? इस पर डीजीपी ने कहा कि 90 फीसदी सफलता पाई है. इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई उदाहरण आप बता सकते हैं जिसमें पुलिस ने वाकई में रिकवरी की है. इस पर सरकारी वकील ने एक महीने का और वक्त मांगा. इससे नाराज कोर्ट ने कहा कि कब तक और कितना वक्त मांगेंगे. सालों हो चुका है, आखिर कितना वक्त दें.

कोर्ट ने डीजीपी से कहा कि आप तो अपनी मर्जी से कोई भी थाना चुन लें और आम आदमी की तरह एफआईआर करवाने जाएं, आपको पता चल जाएगा कि कितना सुधार हुआ है. कोर्ट ने कहा, ‘हम आंख मूंद कर नहीं रह सकते, आपकी पूरी व्यवस्था फेल हो चुकी है.’ हालांकि कोर्ट में मौजूद अलवर एसपी ने कहा कि इस मामले में थानाधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है. कोर्ट ने राज्य के सभी जिलों में गुमशुदा नाबालिग बच्चों के मामले में विस्तार से रिपोर्ट तैयार कर एसपी को हर एक मामले में मानिटरिंग के आदेश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 16 मई को होगी.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें
SHARE