Nation going to kill off the Union family patriotism certificate dispense Kre- release platform

लखनऊ : रिहाई मंच ने एनआईए द्वारा केरल से आतंकी संगठन आइएस के सदस्य बताकर 6 लोगों की गिरफ्तारी को एलओसी पर कथित सर्जिकल स्ट्राइक के दावे के फर्जी साबित हो जाने पर बदनामी से बचने के लिए किया गया नाटक करार दिया है। मंच ने आरोप लगाया है कि एनआईए पूरी तरह आरएसएस और भाजपा के एजेंडे पर काम करते हुए बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों को आतंकी बताकर फंसा रही है। मंच ने कहा है कि अगर आइएस जैसे संगठनों को कमजोर करना है तो सरकार बेगुनाहों को फंसाने के बजाए उन 7 भारतीय कम्पनियांे के खिलाफ कार्रवाई करे जो आइएस को आतंक के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साजो सामान सप्लाई कर रही हैं।

रिहाई मंच द्वारा महासचिव राजीव यादव ने कहा है कि जिस दिन से एलओसी पर किए गए कथित सर्जिकल स्ट्राइक के दावे पर वशिंग्टन पोस्ट और न्यूयाॅर्क टाइम्स जैसे विदेशी मीडिया समूहों और खुद संयुक्त राष्ट्र ने सवाल उठा दिया था। उसी दिन यह तय हो गया था कि मोदी सरकार अपनी बदनामी से बचने और अपने मुस्लिम विरोधी हिंदू वोटरों की निगाह में बहादुर बनने के लिए बेगुनाह मुसलमानों को आतंक के आरोपों में पकड़ने का अभियान चलाएगी। केरल में होने वाली गिरफ्तारियां इसी योजना का हिस्सा हैं।

मंच महासचिव ने आशंका व्यक्त की है कि जिस तरह पहली बार सेना के व्यक्तिगत राजनीतिक इस्तेमाल के कारण प्रधानमंत्री पद की गरिमा धूमिल हुई है और मोदी की चौतरफ़ा आलोचना हो रही है उसमें मोदी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के नेतृत्व में संघ परिवार और आईबी के गठजोड़ से आतंकी विस्फोट भी करा सकती है | जैसा कि अक्षरधाम मंदिर, नागपुर के संघ मुख्यालय, मालेगांव, मक्का मस्जिद, समझौता एक्सप्रेस, पटना के गांधी मैदान, बोधगया और पश्चिम बंगाल के बर्धमान में पहले भी इस गठजोड़ ने किया है। जिसमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं।

उन्होंने कहा है कि जिस तरह निजी राजनीतिक लाभ के लिए मोदी सरकार ने सेना का इस्तेमाल किया है वह शर्मनाक है और इससे गलत परम्परा की शुरूआत हो सकती है। जिसके लिए मोदी को देश से माफी मांगते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।

रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने कहा है कि एनआईए ने जिस तरह इन केरल के 6 युवकों मालापूरम के पी सफवान, पनूर के मनसीद, कोझीकोड के जसीम एनके, रमशाद एनके, त्रिचूर के स्वालीह मोहम्मद जो फिलहाल चेन्नई में रहते थे और कोयम्बटूर के अबू बशीर पर आरोप लगाया है कि वे सोशल मीडिया पर फर्जी नामों से एक्टिव थे वो साबित करता है कि सर्जिकल स्ट्राइक के पोल खुल जाने से घबराई मोदी सरकार ने एनआईए को इतना वक्त भी नहीं दिया कि वो कोई मजबूत झूठी कहानी गढ़ पाए।

उन्होंने कहा कि अगर फर्जी आईडी से एकाउंट चलाना अपराध है तो सबसे पहले एनआईए को मोदी और संघ के हजारों कार्यकर्ताओं को जेल भेजना चाहिए क्यांेकि वे मोदी का फोटो लगाकर साम्प्रदायिक और संविधान विरोधी गतिविधियां संचालित करते हैं।


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