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नोटबंदी के बाद नगदी की किल्लत से पूरा देश जूझ रहा हैं. नगदी के अभाव में आम लोगों को मुलभुत वस्तुएं भी मयस्सर नहीं हो रही हैं. ऐसे ही तीन अलग-अलग मामलों में नगदी के अभाव में तीन अर्थियां अंतिम संस्कार का इंतजार करती रही और परिजन कफ़न की खातिर बैंक की लाइन में लगे रहे.

उत्तरप्रदेश के नोएडा में दो व गाजियाबाद में ऐसे तीन अलग-अलग मामले सामने आये हैं. गाजियाबाद के न्यू आर्यनगर में 65 वर्षीय मुन्नालाल शर्मा का देहांत हो गया. अंतिम संस्कार के लिए मुन्ना लाल शर्मा की पोती नेहा शर्मा और पुत्र सोनू शर्मा दोनों नवयुग मार्किट में बैंक ऑफ़ इंडिया की लाइन में लगकर नगदी निकलवाने के लिए देर तक खड़े रहे. लेकिन बैंक में पैसा नहीं होने के कारण बैंक मैनेजर ने अपनी असमर्थता जता दी. आखिर में बैंक मैनेजर ने मजबूरी को समझते हुए हुए 7000 रु दिेए.

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वहीँ दूसरे मामले में नोएडा सेक्टर-9 स्थित झुग्गी में सोमवार को फूलमति की मौत के हो गई. ऐसे में बेटे जमुना प्रसाद के पास अंतिम संस्कार करने के लिए भी पैसे नहीं थे. पैसे निकालने के लिए जमुना प्रसाद बैंक में घंटों लाइन लगे रहे लेकिन कैश नहीं होने से जमुना प्रसाद को पैसा नहीं मिला. जिसकी वजह से उनकी माता का शव दो दिनों तक झुग्गी के बाहर ही पड़ा रहा.

वहीँ तीसरे मामले में मंगलवार दोपहर में नोएडा के सेक्टर- 9 स्थित बैंक ऑफ़ इंडिया के पास एक व्यक्ति की मौत हो गई।.अंतिम संस्कार के लिए पैसे लेने गए परिजन को बैंक ने पैसे देने से किया इऩ्कार कर दिया. मामला पुलिस के पास पहुंचा. पुलिस ने इसके बाद बैंक से बात कर पीड़ित परिजनों को 15 हजार रुपये दिलवाए.


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