भोपाल मध्य प्रदेश में सूर्य़ नमस्कार को अब स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। यह हरेक शनिवार को आयोजित की जाने वाली बाल सभा का हिस्सा होगा। राज्य के स्कूल एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

2007 में बीजेपी सरकार ने सरकारी स्कूलों में सूर्य नमस्कार, मंत्रोच्चारण और प्राणायाम को अनिवार्य बना दिया था।, इस पहल को शिक्षा का भगवाकरण बता विपक्ष ने विरोध जताया था। जिसके बाद से इसकी अनिवार्यता खत्म हो गई थी।
स्कूलों में सूर्य नमस्कार (प्रतीकात्मक फोटो)

मंत्री दीपक जोशी ने इसकी घोषणा राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर सुभाष स्कूल फॉर एक्सलेंस में सूर्य़ नमस्कार कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सामने की। उन्होंने कहा, ‘हमारे स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को बाल सभा आयोजित की जाती है। हम खेल में सूर्य़ नमस्कार को शामिल करेंगे, क्योंकि इसमें 12 योग क्रिया शामिल हैं। यह और छात्रों को जोड़ेगा।’
क्या सूर्य़ नमस्कार निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य बनाया जाएगा? इस सवाल पर जोशी ने कहा, ‘सूर्य नमस्कार और योग हमेशा वैकल्पिक रहा है। लेकिन हम चाहते हैं कि निजी स्कूल भी इसे अपनाएं।’

मंत्री ने कहा, ‘भारत युवाओं का देश है, लेकिन ये मधुमेह और हृदय रोग से परेशान हैं। इसलिए, सूर्य नमस्कार ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।’ इस बीच, स्कूल शिक्षा मंत्री पारस जैन ने बाब-ए-अली स्टेडियम में योग संबंधी राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में 5,000 स्कूली छात्र मौजूद थे। साभार: नवभारत टाइम्स


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