नोबेल पुरस्‍कार विजेता अमर्त्‍य सेन ने कहा- ‘सच्‍चाई यह है कि पश्चिम बंगाल के मुस्लिम गरीब हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि वे कितनी कठिन परिस्थिति में जी रहे हैं। सरकार को जल्‍द से जल्‍द कुछ करना होगा।’

पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में 27 प्रतिशत मुस्लिम हैं। जहां तक राजनीतिक महत्‍व की बात है तो कोई इससे इनकार नहीं कर सकता है कि मुस्लिमों के समर्थन के बिना पश्चिम बंगाल में कोई भी दल सरकार बना सकता है। लेकिन राजनीतिक तौर पर बेहद अहम होने के बाद भी पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों की हालत बेहद खराब है। हाल ही में पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों की स्थिति को लेकर एक सर्वे कराया गया, जिसे नोबेल पुरस्‍कार विजेता अमर्त्‍य सेन ने सार्वजनिक किया। इस रिपोर्ट के बारे में स्‍टेटमेंट जारी कर उन्‍होंने कहा, ‘सच्‍चाई यह है कि पश्चिम बंगाल के मुस्लिम गरीब हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि वे कितनी कठिन परिस्थिति में जी रहे हैं। सरकार को इस संबंध में जल्‍द से जल्‍द कुछ करना होगा।

पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में 27 प्रतिशत मुस्लिम हैं। जहां तक राजनीतिक महत्‍व की बात है तो कोई इससे इनकार नहीं कर सकता है कि मुस्लिमों के समर्थन के बिना पश्चिम बंगाल में कोई भी दल सरकार बना सकता है। लेकिन राजनीतिक तौर पर बेहद अहम होने के बाद भी पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों की हालत बेहद खराब है। हाल ही में पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों की स्थिति को लेकर एक सर्वे कराया गया, जिसे नोबेल पुरस्‍कार विजेता अमर्त्‍य सेन ने सार्वजनिक किया। इस रिपोर्ट के बारे में स्‍टेटमेंट जारी कर उन्‍होंने कहा, ‘सच्‍चाई यह है कि पश्चिम बंगाल के मुस्लिम गरीब हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि वे कितनी कठिन परिस्थिति में जी रहे हैं। सरकार को इस संबंध में जल्‍द से जल्‍द कुछ करना होगा।

सर्वे रिपोर्ट की अहम बातें

पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 80 प्रतिशत मुस्लिम परिवारों की मासिक आमदनी 5000 रुपए है

बंगाल के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 38.3 प्रतिशत मुस्लिम परिवार ऐसे हैं, जिनकी आमदनी 2500 रुपए प्रति माह है

सिर्फ 3.8 प्रतिशत परिवार ही ऐसे हैं, जो हर महीने 15000 रुपए महीने कमा पाते हैं

1.54 प्रतिशत मुस्लिम परिवारों के पास ही सरकारी बैंक खाते हैं

13.24 प्रतिशम मुस्लिम वयस्‍कों के पास वोटर आईडी कार्ड ही नहीं हैं

पश्चिम बंगाल में औसतन 1 लाख की आबादी पर 10.06 सेंकेंड्री और हायर सेकेंड्री स्‍कूल हैं। लेकिन दीनापुर, मुर्शिदाबाद, मालदा ऐसे अल्‍पसंख्‍यक बहुल जिले हैं, जहां पर एक लाख की आबादी पर क्रमश: 6.2, 7.2 और 8.5 प्रतिशत स्‍कूल हैं।

6 से 14 वर्ष की उम्र के बीच के 14.5 प्रतिशत मुस्लिम बच्‍चे स्‍कूल तक जा ही नहीं पाते हैं

(‘पश्चिम बंगाल में रहने वाले मुस्लिमों की हकीकत’ नाम की इस रिपोर्ट को SNAP, गाइडेंस गिल्‍ड और प्रतिचि इंस्‍टीट्यूट की ओर से कराए गए सर्वे के आधार पर तैयार किया गया है। सर्वे 97,017 मुस्लिम परिवारों के बीच किया गया है। इसमें ने 81 ब्‍लॉक और 73 वार्ड के 325 गांवों को कवर किया है।) (Jansatta)


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