उप्र सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा कि अयोध्या विवाद हल नहीं हो पाने की वजह  सुन्नी वक्फ बोर्ड और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का पाकिस्तान से संबंध होना है.

रिजवी ने कहा कि पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग  देश को अस्थिर करने के लिए खूनखराबा चाहते हैं. वे धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल करके भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे है.

रिजवी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सुन्नी वक्फ बोर्ड व बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के सदस्यों की फंडिंग कर रहा है. उन्होंने कहा कि हम विवाद का हल सुप्रीम कोर्ट से नहीं चाहते, बल्कि देश के मुस्लिमों के बीच आम सहमति से चाहते हैं, ताकि दोनों समुदाय के लोग परस्पर चर्चा से इसका हल निकाल सकें.

उन्होंने कहा ‘ देश के मुसलमान सच्चे देशभक्त है क्योंकि जब बटंवारे के समय पाकिस्तान में उनके प्रवास के लिए दरवाजे खुले तो उन्होंने भारत में रूकना पसंद किया. हम समुदायों के बीच भाईचारा चाहते है.’

गौरतलब रहे कि रिजवी के नेतृत्व में शिया वक्फ बोर्ड ने पिछले महीने उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर मीर कासिम को शिया बताते हुए बाबरी मस्जिद पर अपना हक जताया था. साथ  ही बाबरी मस्जिद की जगह राम मंदिर बनाने की वकालत की थी.


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