गाजियाबाद। शहर के सपा नेताआें की नेतागिरी एसपी सिटी ने एेसी उतारी कि वे चुपचाप एसपी आॅफिस से खिसक लिए। शहर के नामचीन सपा नेताओं का एक गुट एक मामले में सिफारिश करने एसपी सिटी के पास पहुंचा था। उनके साथ शामिल एक सपार्इ एक केस में वांटेड चल रहा था। इस पर एसपी सिटी ने उनकी क्लास ले ली अौर एेसी सिफारिश न लाने की हिदायत भी दी।

sp salman taz patil

दरअसल, मामला सपा के विधानसभा महासचिव मुकेश शर्मा से जुडा है। उसके खिलाफ विजय नगर थाने में धारा 308 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। काफी समय से वह फरार चल रहा था। रविवार को शहर सपा नेताआें का एक दल मुकेश शर्मा को लेकर एसपी सिटी एलमान ताज पाटिल के आॅफिस पहुंचा।

चुपचाप खिसक लिए सपा नेता

वहां सपाइयों ने एसपी सिटी से मुकेश शर्मा के मामले में सिफारिश की। बताया जा रहा है कि सपा नेताओं मे से एक ने खुद को सपा प्रत्याशी होने व एक ने सपा का अध्यक्ष होने का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी और एसपी सिटी ने कहा कि वह उन्हें नहीं जानते। एसपी सिटी ने सपा नेताआें को लताड़ लगार्इ आैर उन्हें एेसी सिफारिश दोबारा न करने की हिदायत दी। एसपी सिटी का सख्त रुख देखकर सपा नेता चुपचाप वहां से खिसक लिए। जबकि मुकेश शर्मा को जेल भेज दिया गया।

एसपी सिटी ने एेसी सिफारिश दोबारा न लाने की दी हिदायत

इस बारे में एसपी सिटी सलमान ताज पाटिल का कहना है कि मुकेश शर्मा पर विजय नगर में मुकदमा दर्ज है। उसकी सिफारिश लेकर कुछ सपार्इ आए थे। उनको मुुकेश के मुकदमे के बारे में पता नहीं था। उन्हें जब इस बारे में बताया गया तो वे मान गए आैर वहां से चले गए। उन्हें एेसी सिफारिश दोबारा न लाने की हिदायत भी दी गर्इ है।

एसपी के दखल पर दर्ज हुआ था केस

गौरतलब है कि विजयनगर एसओ पहले खुद सपा नेता का नाम आने के बाद कारवाई करते से कतरा रहे थे, लेकिन जब एसपी सिटी ने खुद दखल दिया तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ। (Patrika)


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