इस देश में गरीब होना सबसे बड़ा पाप है. गरीबों की ना तो कोई अधिकारी सुनता हैं ना ही कोई नेता. गरीबों के हमदर्द बहुत होते हैं लेकिन उनकी मदद करने वाला कोई नहीं होता हैं.

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक बेटा अपने बाप की लाश को लेकर सड़क पर एम्बुलेंस का इंतेजार करता रहा लेकिन उसकी किसी ने मदद नहीं की. दरअसल भौरा गांव में 65 वर्षीय पिता शिवदयाल की अचानक मौत हो गई. शव ले जाने के लिए पुत्र भरत सिंह घंटों शव के साथ सड़क पर बेठा रहा ताकि कोई मदद मिल जाएँ लेकिन उसे कोई सरकारी मदद नहीं मिली.

इसकी खबर भाजपा के स्थानीय विधायक मंगल सिंह तक भी पहुंची परंतु उन्होंने भी मदद करने के बजाय दुत्कार दिया. बाद में ग्रामीणों ने चंदा करके शव को भरत सिंह के घर भेजने का इंतेजाम किया.

पिता की अचानक हुई मृत्यु के बाद शव ले जाने के लिए विधायक मंगल सिंह के पास मदद मांगने पहुंचा तो विधायक ने  मदद से साफ़ इनकार करते हुए अपने स्तर पर व्यवस्था बनाने की सलाह दी.


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